पलामू टाइगर रिजर्व में भिड़े दो गजराज, एक की मौत

पलामू टाइगर रिजर्व के साउथ डिविजन के गारू पश्चिमी वन प्रक्षेत्र में दो जंगली हाथियों के बीच करीब पांच घंटे तक भिड़ंत होती रही. इस लड़ाई में हाथी एक दूसरे पर हमला करते रहे.

बेतला. पलामू टाइगर रिजर्व के साउथ डिविजन के गारू पश्चिमी वन प्रक्षेत्र में दो जंगली हाथियों के बीच करीब पांच घंटे तक भिड़ंत होती रही. इस लड़ाई में हाथी एक दूसरे पर हमला करते रहे. इस हमले में एक 40 साल के नर हाथी की मौत हो गयी, जबकि दूसरा हाथी घायल हो गया. दोनों के बीच हुई इस हिंसक लड़ाई के बाद आसपास का इलाका खून के छींटें से लाल हो गया. वहीं एक दर्जन से अधिक पेड़ उखड़ और झाड़ियां नष्ट हो गये. जंगल का यह इलाका मैदान में तब्दील हो गया. हाथी के पोस्टमार्टम के दौरान देखा गया कि उसके शरीर पर अलग-अलग छह जगहों पर बड़े-बड़े घाव बने हुए थे, जो दूसरे हाथी के दांत के बने हुए हैं. विभागीय प्राधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम में कहीं गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है. दो दिन पहले मृत हाथी के पोस्टमार्टम के बाद इसका खुलासा हुआ है. विशेषज्ञों की मानें, तो हाथियों के बीच यह लड़ाई टेरिटोरियल फाइट है या फिर मादा के लिए वो भिड़े हैं. उम्मीद लगायी जा रही है कि आसपास में मादा हाथी रही होगी, जिसके बाद दोनों नर हाथी आपस में लड़े. पलामू टाइगर रिजर्व में जंगल के सबसे और विशालकाय जानवर हाथी को आपस में लड़ते हुए एक दूसरे जानलेवा हमला करने कि यह पहली घटना है. घटना जितना दिलचस्प है, उतना ही डरानेवाला भी है. घटना के करीब आठ घंटे के बाद वन विभाग को सूचना मिली थी. जैसे ही टीम वहां पहुंची दूसरा हमलावर हाथी वहां से जंगल में घुस गया. इसकी खोजबीन की जा रही है. आशंका जतायी जा रही है कि वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया है. मृत हाथी के जो दांत पर खून के धब्बे लगे हैं. इससे जाहिर होता है कि मृत हाथी ने भी दूसरे हाथी पर हमला किया था.

2021 में काल भैरव को जंगली हाथियों ने मार डाला था:

19 जनवरी 2021 को बेतला नेशनल पार्क के पालतू नर हाथी काल भैरव को बेतला के किला बीट में जंगली हाथियों ने मार डाला था. काल भैरव को आंध्रप्रदेश से बेतला लाया गया था. उसे अन्य पालतू हाथियों के साथ पलामू किला के निकट रखा गया था. यहां अचानक जंगली हाथियों ने उस पर हमला कर दिया था, जिससे हाथी काल भैरव की मौत हो गयी थी.

घायल हाथी की हो रही है तलाश: डिप्टी डायरेक्टर

डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने कहा कि घटनास्थल के दृश्य में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों हाथियों के बीच घंटों लड़ाई हुई है. संभवत यह लड़ाई किसी मादा हाथी को लेकर हुई है. दूसरे हाथी की तलाश की जा रही है. इस भयंकर लड़ाई में दूसरा हाथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है. उसकी खोजबीन के लिए पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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