बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघ संरक्षण को लेकर आयोजित दो दिवसीय विशेष बाइक रैली का समापन हो गया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर वन्य प्राणी सप्ताह के तहत आयोजित यह रैली ‘सेव द स्ट्राइप्स’ थीम पर आधारित थी. रैली में झारखंड के विभिन्न जिलों से आये बाइकर्स क्लबों के सदस्य, स्थानीय युवा, वनकर्मी और ग्रामीण काफी संख्या में शामिल हुए. रैली की शुरुआत रांची से हुई. बाइकर्स ने “सेव टाइगर, सेव फॉरेस्ट, सेव फ्यूचर” के नारे लगाते हुए 350 किलोमीटर की यात्रा कर बेतला से नेतरहाट तक बाघ और जंगल की सुरक्षा का संदेश दिया. इस अभियान का उद्देश्य बाघ संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना था. पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेश कांत जेना ने कहा कि पलामू देश के पहले नौ टाइगर रिजर्वों में से एक और झारखंड का एकमात्र टाइगर रिजर्व है. इस रैली का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना और पलामू को फिर से टाइगर कंट्री के रूप में पहचान दिलाना है. रैली में बाइकर्स ने बेतला नेशनल पार्क, कैचकी संगम, पलामू किला, कमलदाह झील, मड हाउस, मिर्चिया फॉल, सुग्गा बांध, महुआडांड़ वुल्फ सेंचुरी, लोध फॉल और नेतरहाट जैसे स्थलों का भ्रमण किया. वन विभाग, बेतला इको-डेवलपमेंट कमेटी और स्थानीय युवाओं की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन सफल रहा. समापन पर सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे बाघ और उसके आवास की रक्षा के लिए समाज में निरंतर जागरूकता फैलाते रहेंगे.
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