क्रॉस आशा, शांति और जीवन का प्रतीक है

क्रॉस आशा, शांति और जीवन का प्रतीक है

महुआडांड़़ पवित्र परिवार पल्ली, गोठगांव के गिरजाघर में होली क्रॉस (पवित्र क्रॉस) विजय का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर डाल्टनगंज धर्मप्रांत के बिशप थियोडोर मस्कारेनहास मुख्य अनुष्ठाता रहे. मिस्सा बलिदान की शुरुआत में सिस्टर ख्रीस्टीना खलखो ने पवित्र क्रॉस विजय के महत्व और पवित्र क्रॉस की धर्मबहनों (सिस्टर्स ऑफ मर्सी ऑफ द होली क्रॉस) की संक्षिप्त जीवनी प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि क्रॉस आशा, शांति और जीवन का प्रतीक है, और धर्मबहनें अपने जीवन का आधार इसे मानती हैं. बिशप थियोडोर मस्कारेनहास ने मिस्सा पूजा को आगे बढ़ाते हुए क्रॉस के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने विश्वासियों को इसके संदेश से प्रेरित किया और पवित्र क्रॉस धर्मबहनों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए शुभकामना दी. मिस्सा पूजा के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. संत जेवियर्स उच्च विद्यालय और मध्य विद्यालय के विद्यार्थी तथा गांव के अभिभावकों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया. इसके अलावा, ज्योति निवास छात्रावास और डाल्टनगंज धर्मप्रांत के ब्रदर्स के बीच फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें ज्योति निवास टीम ने तीन गोल से विजयी प्रदर्शन किया. वहीं, महुआडांड़ पारिस में भी सिस्टर स्वाति, सुनीता, प्रभा और निर्मला के द्वारा प्रखंड के बड़े चर्च में मिस्सा पूजा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय भागीदारी की और पर्व का आनंद लिया.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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