बजट पर अल्पसंख्यक समाज की प्रतिक्रिया: लातेहार.
झारखंड सरकार की ओर से दो मार्च को बजट पेश किया जायेगा. बजट को लेकर प्रभात खबर ने सभी वर्गों को जोड़ते हुए परिचर्चा का आयोजन किया है. इसी कड़ी में गुरुवार को शहर के अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने परिचर्चा में हिस्सा लिया और अपनी-अपनी बातें रखीं.शमशाद आलम:
स्थानीय शमशाद आलम ने कहा कि झारखंड सरकार को अल्पसंख्यक समाज के लिए बजट में अलग से प्रावधान करने की जरूरत है. यह समाज आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसा बजट तैयार करें, जिसमें किसानों और मजदूरों को अधिक लाभ मिल सके.मजीद अंसारी:
क्षेत्र के मजीद अंसारी ने कहा कि बजट से राज्य के विकास का खाखा तैयार करना है. इसमें वित्तीय प्रबंधन जरूरी है. शिक्षा और रोजगार को देखते हुए बजट तैयार होना चाहिये. उन्होंने कहा कि बजट में सभी वर्गों की समान भागीदारी हो.गोपाल सिंह:
स्थानीय गोपाल सिंह ने कहा कि बजट में राज्य सरकार प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने के लिए अलग से प्रावधान करने की जरूरत है. इससे निचले वर्ग के लोगो का जीवन स्तर ऊंचा हो सके. उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर के विकास को लेकर बजट बनाने की जरूरत है.रिजवान अली:
क्षेत्र के रिजवान अली ने कहा कि छोटे-छोटे किसानों को उनके खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचे, जिससे उन्हें खेती करने में परेशानी नहीं हो. उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अलग से प्रावधान हो, क्योकि पिछड़े वर्ग के लोग आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इन सेवाओ से वंचित हो जाते हैं.जफर अंसारी:
स्थानीय जफर अंसारी ने कहा कि गांव में रहनेवाले लोग सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हैं. इसलिए गांव के विकास को ध्यान में रख बजट बनाने की जरूरत है. रजब अंसारी व मो मारूफ ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसख्यकों के हितों को ध्यान में रखकर ही बजट तैयार करे जिससे यह वर्ग आर्थिक रूप से सबल बन सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
