चंदवा़ प्रखंड के रोल गांव स्थित जस्टिस एलपीएन शाहदेव उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय के 11वीं कक्षा में अध्ययनरत 130 विद्यार्थियों का भविष्य एक साल बर्बाद होता दिख रहा है. इससे उक्त बच्चे व उनके अभिभावक परेशान हैं. मामला झारखंड अधिविद्य परिषद में विचाराधीन है. क्या है मामला : प्लस टू में अपग्रेड होने के बाद पहली बार यहां के 188 बच्चों ने मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद 11वीं में नामांकन कराया था. परीक्षा फार्म भरने के दौरान कुछ बच्चों ने भाषा-1 व भाषा-2 दोनों में जानकारी के अभाव में हिंदी विषय का चयन कर लिया था. उक्त सभी विद्यार्थी 11वीं की परीक्षा में शामिल भी हुए, पर परिणाम जारी होने पर 58 बच्चे ही पास किये गये हैं. 130 बच्चों का रिजल्ट इनवैलिड घोषित कर दिया गया है. इसके बाद से 130 बच्चों और उनके अभिभावक परेशान हैं. उक्त गलती कैसे व किससे हुई, यह किसी को समझ में नहीं आ रहा. 15 दिन पूर्व से 12वीं कक्षा में नामांकन के लिए फार्म भरे जा रहे है. नामांकन महज 58 बच्चों का ही हो पायेगा. 130 बच्चों का रिजल्ट इनवैलिड होने के कारण वे 12वीं कक्षा में प्रमोट नहीं हो पाये हैं. बच्चाें व अभिभावकों को एक साल बर्बाद होने का डर सता रहा है. बच्चों की परेशानी देख विद्यालय प्रबंधन ने मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी है. जिला शिक्षा अधिकारी ने त्रुटि सुधार के लिए जैक को पत्र प्रेषित किया है. इसमें भाषा-2 में हिन्दी की जगह अंग्रेजी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है. दो माह गुजर जाने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है. विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की है. क्या कहते है प्राचार्य : प्राचार्य प्रशांत शाहदेव ने कहा कि फार्म भरते समय दोनों में हिंदी का ऑप्सन ही आ रहा था. ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को हिंदी आसान लगता है, इसलिए बच्चों ने हिंदी को ही दोनों ऑप्सन में डाला. रिजल्ट के बाद डीइओ द्वारा जैक को आवेदन भेजा गया है. इसकी रिसीवींग भी मिली है. जैक समिति की बैठक में ही कोई निर्णय निकालने की बात कही गयी है. इस संबंध में डीइओ प्रिंस कुमार से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया.
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