टेंडर में रहता था पप्पू लोहरा का हस्तक्षेप

पप्पू लोहरा और सब-जोनल कमांडर प्रभात गंझू की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद घटना के दूसरे दिन भी शहर से लेकर गांव तक चर्चा का माहौल गर्म रहा.

लातेहार. जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा और सब-जोनल कमांडर प्रभात गंझू की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद घटना के दूसरे दिन भी शहर से लेकर गांव तक चर्चा का माहौल गर्म रहा. पप्पू लोहरा सदर थाना क्षेत्र के कोने गांव का रहनेवाला है. उसकी मौत के बाद परिजन मर्माहत हैं. उसकी मौत के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस प्रशासन लगा हुआ है. पुलिस का ऑपरेशन अलग-अलग क्षेत्रों में उग्रवादियों और नक्सलियों के खिलाफ चलाया जा रहा है. कोने गांव में स्थापित पुलिस पिकेट के पास गांव के लोग पुलिस और जेजेएमपी के बीच हुए मुठभेंड़ की चर्चा कर रहे थे. हालांकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पप्पू लोहरा से लाभान्वित होनेवाले लोग उसकी मौत से दुखी हैं. इधर, पुलिस की इस कार्रवाई की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. सरकारी कार्यों में सीधे हस्तक्षेप पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर थी. पिछले एक-दो साल से सभी विभागों से निकलनेवाले टेंडर मैनेज करने का खेल पप्पू लोहरा अपने चहेते संवेदकों से कराता था. बताया जाता है कि शहर में कई लोगो के साथ जमीन के अलावा ठेकेदारी समेत अलग-अलग कार्यों में पप्पू ने काफी रुपया इन्वेस्ट किया है. जमीन के कारोबार में पप्पू लोहरा के सीधे हस्तक्षेप से कारोबारियाें में दहशत था. मौत के बाद कारोबारियों ने भी राहत की सांस ली है.

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By ANUJ SINGH

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