चंदवा. प्रखंड के कई पंचायतों के जंगली क्षेत्र में जंगल की कटाई बेतरतीब जारी है. प्रखंड के सभी 17 पंचायतों के सुदूरवर्ती जंगली क्षेत्र में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है. झाड़ियों को काटकर व जलाकर नष्ट किया जा रहा है. स्थिति यह है कि पेड़ों को काटने के बाद भूमि को ट्रैक्टर से जोता जा रहा है और यहां खेती की कोशिश हो रही है. सूत्रों की मानें, तो कई स्थानों पर जंगलों को उजाड़ने के बाद अवैध तरीके से अफीम की खेती भी की गयी है. ताजा मामला अलौदिया पंचायत का है. यहां पेड़ों को काटा जा रहा है और झाड़ियों को जलाकर जंगल को सपाट किया जा रहा है. इस कार्य में अलौदिया के अलावे दूसरे पंचायतों के लोग भी सक्रिय हैं. हाल के दिनों में अलौदिया पंचायत के कारीटोंगरी, असनाझरिया, ठूंठाबर, गोठीदाग टोले के उत्तर दिशा समेत अन्य क्षेत्रों में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हो रही है. स्थिति यह है कि कुछ स्थानों पर वन विभाग के सीमांकन के पिलर को भी ध्वस्त कर दिया गया है. इसके आसपास जंगली क्षेत्र को झाड़ी से घेराबंदी भी कर दी गयी है. ग्रामीणों की मानें, तो अलग-अलग स्थानों पर कुल सौ एकड़ से अधिक जमीन को सपाट कर दिया गया है. वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. वन रक्षा समिति ने जताया है विरोध: हाल के दिनों में असनाझरिया (सरलाही, जरमा) के जंगल में बड़ी मात्रा में पेड़ काटे गये हैं. इसे लेकर मुखिया प्रतिनिधि संदीप टोप्पो समेत वन रक्षा समिति के लोगों ने बैठक कर कार्रवाई के लिए वनरक्षी सुनील कच्छप को आवेदन भी दिया है. इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. पूर्व में भी प्रभात खबर में अलौदिया व कामता पंचायत की सीमाना पर स्थित कारी टोंगरी जंगल में बड़ी मात्रा में तैयार वृक्षों को काटने व खेत तैयार करने का मामला प्रकाशित किया था, पर विभाग की ओर से विशेष कार्रवाई नहीं हुई. क्या कहते हैं वनरक्षी व रेंजर : अलौदिया के वनरक्षी सुनील कच्छप ने इस संबंध में कहा कि जंगल बचाव के लिए बैठक हुई थी. टुढ़ामू में लकड़ी जब्त की गयी थी. पहले भी कार्रवाई की गयी है. आगे भी कार्रवाई जारी रहेंगे. वर्किंग प्लान आने के बाद प्लांटेशन का कार्य होगा. वहीं रेंजर नंदकुमार मेहता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी. क्या कहते है उपप्रमुख : इस संबंध में उपप्रमुख सह अलौदिया के पंसस अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा कि लगातार पंचायत में जंगल उजाड़ने का मामला संज्ञान में आ रहा है. पर विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही. यह गंभीर मामला है.
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