बालूमाथ. प्रखंड के दिवाकर नगर स्थित पड़हा भवन में सोमवार को शहीद वीर बुधू भगत की जयंती मनायी गयी. इससे पहले शहीद वीर बुधू भगत के चित्र पर माल्यार्पण के बाद दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया. पड़हा राजा प्रभुदयाल उरांव ने कहा कि वीर बुधू भगत ने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई बुलंद की थी. इसके लिए उन्होंने अपनी जान तक की कुर्बानी दी. मजदूर नेता प्रदीप गंझू ने कहा कि वीर बुधू भगत ने जल, जंगल व जमीन को बचाने में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया. वीर बुधू भगत की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक गरीब आदिवासी उरांव परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्होंने आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया. उनकी संगठन क्षमता अदभुत थी. रामलाल भगत ने पांचवीं अनुसूची पेसा कानून-1996 को लागू कराने को लेकर एक मंच पर आने का आह्वान किया. इस कानून को आदिवासी समुदाय के अधिकार की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया. कार्यक्रम में परमेश्वर भोग्ता, राजेंद्र भोग्ता, शंकर उरांव, भुवनेश्वर गंझू समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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