चंदवा़ कलश स्थापना के साथ ही सोमवार को शारदीय नवरात्र शुरू हो जायेगी. इस बार पूरे 10 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी. इस वर्ष कोई भी तिथि क्षय नहीं है. पुरोहितों की माने तो इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है. यह विशेष शुभ प्रभाव वाला है. वहीं मातेश्वरी का प्रस्थान नर पर हो रहा है. यह शांति का प्रतीक होगा. सभी पूजा पंडाल में विधि-विधान से पूजा की तैयारी करीब-करीब पूरी कर ली गयी है. घरों में भी कलश स्थापना की तैयारी हो चुकी है. पंडित रामकृष्ण मिश्रा ने कहा कि सही मुहूर्त में पूजन आरंभ से लेकर संपूर्ण विधि-विधान से पूजन करनेवाले जातक का भला करनेवाला होगा. पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मातेश्वरी के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-आराधना की जायेगी. इसके बाद लगातार नौ दिनों तक शक्ति की साधना-आराधना व पूजन जारी रहेगी. शहर से लेकर गांव-टोले तक पूजा की तैयारी जारी है. पंडाल निर्माण व प्रतिमा निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है. पूजा समिति दिन-रात तैयारी में लगी है. इस बार दुबे जी का गोला में माहिष्मती द्वार का प्रारूप बनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं के सेवार्थ कार्य किये जा रहे हैं.
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