फोटो : 19 चांद 8 : जाली चलान, इसके पीछे किसी प्रकार का मुहर नहीं. प्रतिनिधि बारियातू . प्रखंड मुख्यालय समेत प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से जाली चालान के माध्यम से बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. मजे की बात यह है कि सरकार को राजस्व का नुकसान होने के बाद भी इस पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो रही. ग्रामीणों की मानें, तो प्रखंड के गोनिया पंचायत के गड़गोमा नदी, बारियातू पंचायत के बरछिया नदी व जबरा नदी तट मिलाकर कुल तीन घाट से विभाग द्वारा बालू उठाव की स्वीकृति दी गई है. यह कार्य संबंधित पंचायत के मुखिया द्वारा अधिकृत चालान के माध्यम से किया जाता है. जिसमें पंचायत स्तरीय बालू उठाव समिति की मुहर लगी होती है. हालांकि, इन स्वीकृत बालू घाटों के अतिरिक्त मनातू नदी, करमा नदी, धुरधुरवा नदी, मानत नदी, मंजुआखाड़ नदी, धोबनी नदी समेत एक दर्जन से अधिक नदी घाटों से भी प्रतिदिन सौ से अधिक ट्रैक्टर के जरिये बालू का अवैध उठाव हो रहा है. खास बात यह है कि इन अवैध घाटों से उठाव के लिए जारी की जा रही चालान पर कोई अधिकृत मुहर नहीं लगी है. इससे यह जारी चालान प्रतीत होता है. सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की हानि भी हो रही है. इस संबंध में गोनिया पंचायत की मुखिया रानो देवी ने बताया कि पुराने चालान समिति से मांगे गए है, और संबंधित समिति को मुहर दिया गया है. वहीं जिला खनन पदाधिकारी नदीम सैफी ने कहा कि मामले की गहन जांच करायी जायेगी. यदि चालान के पीछे समिति की मुहर नहीं होगी, तो यह चालान जाली समझा जायेगा. ऐसे मामले सिद्ध होने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
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