लातेहार. जिले के बालूमाथ प्रखंड के रजवार पंचायत के हरियाखार गांव में कोलियरी के लिए अधिकृत जमीन से कोयला खनन कर माफिया अवैध रूप से ईंट भट्ठों में बेच रहे हैं. इस अवैध कारोबार में लातेहार समेत बालूमाथ के कोयला माफिया सक्रिय हैं. माफिया पुलिस प्रशासन और खनन विभाग के नाम पर ग्रामीणों को डरा रहे हैं और कोयले का खनन कर रहे हैं. कोयला का खनन जेसीबी मशीन से हो रहा है. सूत्रों की मानें, तो कोयले के इस अवैध कारोबार में लगभग दो दर्जन लोग शामिल हैं. माफिया इस अवैध उत्खनन में मजदूरों को रुपये का लालच देकर शामिल कर रहे हैं. मजदूर जान जोखिम में डालकर कोयले का उत्खनन कर रहे हैं. ऐसे में चाल धंसने से बड़ा हादसा भी हो सकता है. ज्ञात हो कि रजवार कोल ब्लाॅक तेनुघाट कंपनी को कोयला खनन के लिए आवंटित किया गया है. इसके अंतर्गत चार-पांच गांव आते हैं. तेनुघाट कंपनी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं कर सकी है. इसके बावजूद माफिया लगातार कोलियरी की इस अधिकृत जमीन से कोयला का खनन कर रहे हैं. ट्रैक्टर से होती है कोयले की ढुलाई: इस इलाके में सक्रिय कोयला माफिया दिन में जेसीबी से कोयले का उत्खनन कर उसे डंप करते हैं. इसके बाद अंधेरा होने पर ट्रैक्टर से कोयला की ढुलाई ईंट भट्ठों में करायी जाती है. प्रत्येक दिन 25 से 40 ट्रैक्टर कोयले का अवैध उत्खनन कर लातेहार, बालूमाथ एवं चंदवा प्रखंड में संचालित ईंट भट्ठों में बेचा जा रहा है.
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी नदीम शफी ने कहा कि कोयला के अवैध उत्खनन की जानकारी मिली है. हरियाखार गांव में छापेमारी की गयी थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही अवैध उत्खनन करनेवाले वहां से भाग गये थे. जल्द ही कोयला माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को लेकर लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है.
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