बालूमाथ़ बालूमाथ-हेरहंज-पांकी पथ पर झाबर गांव के बिरहोर टोला के समीप सोमवार रात करीब सवा नौ बजे हाइवा (जेएच 02बीएस-0885) की चपेट में आने से आदिम जनजाति के इंद्रदेव बिरहोर (65 वर्ष) की मौत हो गयी. वह पैदल सड़क पार कर रहे थे. स्थानीय लोगों ने उन्हें बालूमाथ सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ दयानंद ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर भाग गया, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया. हाइवा कुसमाही कोल साइडिंग से कोयला खाली कर तुबैद कोलियरी जा रहा था. मांगों को लेकर रात में ही सड़क जाम : घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रात में ही सड़क जाम कर दिया. बालूमाथ पुलिस के समझाने के बावजूद लोग मुआवजा और उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे. प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किमी दूर होने के बाद भी रात में किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी थी. भीषण गर्मी में रात भर यात्री, मरीज और छात्र भूख-प्यास से परेशान रहे और वाहनों की लंबी कतार लगी रही. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तुबैद कोलियरी के हाइवा से पहले भी कई जानें जा चुकी हैं. वार्ता के बाद इन शर्तों पर बनी सहमति : मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मां अंबे माइनिंग कंपनी के बलराम पांडेय, समल दा, मैनेजर रंजन सिंह समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. वार्ता के बाद कंपनी द्वारा मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा, विधवा को 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन, पुत्र को प्राइवेट नौकरी, सड़क किनारे 50 स्ट्रीट लाइट लगाने और पांकी मोड़ से झाबर-इचाक तक स्थानीय लोगों को गार्ड की नौकरी देने पर सहमति बनी, इसके बाद जाम हटा. मौके पर सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, एसआइ धीरज सिंह, रमाशंकर उपाध्याय, चंद्रशेखर शर्मा, सीआइ वासुदेव महतो, राजस्व कर्मचारी अनिल होरो, वासुदेव उरांव, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, झामुमो नेता ऐश्वर्य उरांव, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष गजेंद्र हिमांशु, नरेश बिरहोर, परमेश्वर, अजय, कमलेश, फुलमनी देवी, अनीता देवी, रेखा देवी, मुनिया देवी समेत कई लोग मौजूद थे.
हाइवा की चपेट में आने से बिरहोर वृद्ध की मौत, 12 घंटे बाद हटा जाम
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