बरवाडीह़ प्रखंड के केड़ पंचायत अंतर्गत आवराझरिया गांव में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें झामुमो जिला सचिव सह जिप सदस्य बुद्धेश्वर उरांव मुख्य रूप से उपस्थित थे, जबकि अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण तिवारी ने की. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग बिना पूर्व जानकारी के क्षेत्र में घेराबंदी का कार्य कर रहा है, जिससे विकास कार्य ठप पड़ गया है. उन्होंने केड़ में प्रस्तावित हाथी कॉरिडोर और पुटूवागढ़ में टाइगर सफारी योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के कारण सड़क, पुल-पुलिया और अन्य विकास के कार्य रुक गये हैं. क्षेत्र में कोई उद्योग या कल-कारखाना भी नहीं लग पा रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से जंगल में रह रहे हैं. यहां हाथी और हिरन तो हैं, लेकिन शेर-बाघ कभी नहीं देखा गया. वन विभाग बाघ परियोजना के नाम पर क्षेत्र के विकास में बाधा डाल रहा है. बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि वन विभाग मनमाने ढंग से पार्क खोलने और बंद करने का काम करता है, जबकि ऐसे निर्णयों में स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग सरकार तक पहुंचायी जायेगी और यदि टाइगर सफारी विकास में बाधा बनेगी, तो इसे वापस लेने का अनुरोध किया जायेगा. मौके पर प्रखंड उपाध्यक्ष महेंद्र प्रजापति, महबूब आलम, सतन यादव, सुरेंद्र सिंह खरवार, बिपिन बिहारी सिंह, सौदागर सिंह, आमिर खान, गुड्डू अंसारी, पेपर सिंह खरवार, प्रकाश भुइयां, लुरक सिंह सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
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