बालूमाथ़ प्रखंड अंतर्गत शेरेगड़ा पंचायत के घोड़ागढ़ा, बघौता टोला में एक धान के खेत में रविवार तड़के ग्रामीणों ने एक नवजात हाथी का शव देखा. हाथी का शव कीचड़ में दबा था. लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी. इसके बाद वन विभाग की टीम यहां पहुंची. हाथी के शव को कब्जे में ले लिया. गठित टीम ने किया पोस्टमार्टम : हाथी के नवजात का शव मिलने के बाद वन विभाग के लोग हरकत में आये. एक टीम बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया. इसका नेतृत्व लातेहार पशु चिकित्सा पदाधिकारी सर्जन डॉ हरिहर प्रसाद कर रहे थे. पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत हाथी के बच्चे के लंग्स, हार्ट्स, स्टमक, लीवर, स्प्लीन के पार्ट्स को फोरेंसिक जांच में भेजने को लेकर सैंपल लिया. इसके बाद थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में हाथी के शव का मेटल डिटेक्टर टेस्ट भी कराया गया. रेंजर नंद कुमार मेहता ने बताया कि उक्त बच्चा करीब 15 दिनों का लगता है. मेटल डिटेक्टर का प्रयोग कर यह पता लगाया गया कि हाथी के भीतर कोई धातु की चिज तो नहीं है या किसी ने गोली तो नहीं मारी है. बताया कि गणेशपुर व शेरेगड़ा पंचायत में इन दिनों 10-15 जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है. संभावना जतायी जा रही है कि नवजात हाथी झुंड के साथ घूम रहा होगा. किसी वयस्क हाथी के पैर के नीचे आ गया होगा जिससे कीचड़ में दबने से उसकी मौत हो गयी होगी. हाथी के मृत बच्चे के आसपास कीचड़ व गड्ढे में अन्य हाथियों के पैर के निशान भी पाये गये हैं. वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पायेगा. पोस्टमार्टम के बाद शव को जंगल में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया गया. दर्ज करायी जायेगी प्राथमिकी : बालूमाथ वन क्षेत्र पदाधिकारी नंदकुमार मेहता ने बताया कि हाथी के बच्चे की मौत मामले को लेकर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. वहीं, टीम द्वारा लिये गये सैंपल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला रांची या आइवीआर बरेली (यूपी) भेजा जायेगा. लातेहार डीएफओ ने मामले की गहनता से जांच करने व किसी के दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है. मौके पर डॉ प्रमोद कुमार, डॉ नीलिमा तिर्की, वनरक्षी कैलाश साहू, सिकंदर राम, शिवशंकर राम, अमित तिवारी, संतोष उरांव, आनंद चौधरी, रवि कुमार दास, मंगल सिंह समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे. वन विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप : शेरेगड़ा, गणेशपुर व बघौता टोला के ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. लोगों ने कहा कि पिछले कई माह से इस क्षेत्र में हाथियों का उत्पात है. आये दिन फसल व घर ध्वस्त कर रहे हैं. बावजूद वन विभाग की टीम हाथियों को भगाने में नाकाम रही है. हाथियों के साथ एक नजजात बच्चा था, इसकी जानकारी भी विभाग को नहीं थी. विभाग की ओर से अब तक टार्च, लाइट की व्यवस्था नहीं दी गयी है.
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