लातेहार ़ जिले भर के शिक्षक, सीआरपी, बीआरपी, बीपीओ और विद्यालयों में कार्य करने वाले सभी कर्मियों का दशहरा इस वर्ष फीका रहेगा. उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर जिले भर के शिक्षक, सीआरपी, बीआरपी, बीपीओ और विद्यालयों में कार्य करने वाले सभी कर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. जिले में अलग-अलग कोटी के कुल 1157 विद्यालय हैं. इसमें वर्ग एक से 12 तक कुल 1057 विद्यालय है. जिला शिक्षक अधीक्षक कार्यालय से निकाले गये आदेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में लापरवाही बरतने के कारण विद्यालय के शिक्षकों, सहायक अध्यापकों, संकुल साधन सेवी व प्रखंड साधन सेवियों के वेतन निकासी पर रोक लगा दी गयी है. जबकि जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मात्र 165 विद्यालय संचालित हैं. इसके अलावा उत्क्रमित उच्च, प्लस टू और उच्च विद्यालय को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना से कोई मतलब नहीं है. इसके बाद भी इन विद्यालयों के शिक्षको के वेतन निकासी पर रोक लगा दी गयी है. जिससे शिक्षकों में काफी निराशा है. जबकि वित्त विभाग झारखंड सरकार ने राज्य भर में दुर्गा पूजा को देखते हुए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का वेतन भुगतान 25 सितंबर से करने का आदेश जारी किया गया है. बावजूद इसके वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया गया है. बैठक कर जताया विरोध : वेतन भुगतान पर रोक लगाये जाने के बाद बीआरपी-सीआरपी महासंघ ने बैठक कर शिक्षा विभाग के इस निर्णय पर विरोध जताया है. संघ के माध्यम से कहा गया है कि लातेहार जिला में शिक्षा विभाग ने कई उपलब्धि हासिल की है. जिसमें संघ का महत्वपूर्ण योगदान है. संघ ने विभाग के इस निर्णय पर आक्रोश जताया है. क्या कहते हैं अधिकारी : इस संबंध में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि जिले भर में खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षक, सीआरपी व बीआरपी के वेतन भुगतान पर रोक लगाया गया है.
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