लातेहार ़ जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में सप्त शक्ति संगम के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न संकुल से कुल 33 दीदियों ने भाग लिया. मौके पर झारखंड प्रांत की सप्त शक्ति संगम सह संयोजिका एवं मेदिनीनगर की आचार्या सुशीला कुमारी ने कहा कि माताओं में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ धन, धैर्य, वाणी, कुल और क्षमता जैसे गुण होना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य एक करोड़ माताओं को जोड़ना और उन्हें अपनी शक्ति की पहचान कराना है. विद्यालय के अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय ने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर माताओं के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गयी. मातृ भारती की अध्यक्ष एवं सिविल कोर्ट अधिवक्ता रितु रानी पांडेय ने कहा कि मां ही ऐसी होती है, जिसमें सभी गुण समाहित होते हैं. विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने विद्या भारती के बहुआयामी उद्देश्यों को समझाते हुए सभी का धन्यवाद किया. कार्यक्रम का संचालन रजनी नाथ ने किया, जबकि समापन सुश्री उपासना द्वारा मात्रशक्ति के संकल्प के साथ हुआ. कार्यक्रम में लातेहार की सर्किल इंस्पेक्टर दुल्लर चौड़े और सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल वीर शहीद वीरेंद्र शर्मा की माता शांति कुंवर को सम्मानित किया गया. कार्यशाला के एक सत्र में वैदिक काल से लेकर आधुनिक समय तक भारत की वीर महिलाओं पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गयी. इसमें सरस्वती विद्या मंदिर लातेहार की श्वेता श्रीवास्तव, ममता त्रिपाठी, शिल्पा कुमारी, बालूमाथ विद्यालय की मनीषा कुमारी और बरियातू विद्यालय की सपना कुमारी, वीणा देवी, वंदना सिन्हा, खुशबू कुमारी एवं किरण देवी ने भाग लिया.
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