मनिका़ थाना क्षेत्र के दुंदु गांव स्थित रवि अग्रवाल के क्रशर में शनिवार को मजदूर छठु सिंह (27) की मौत हाइवा की चपेट में आने से हो गयी. हादसे की जानकारी परिजनों को समय पर नहीं दी गयी बल्कि इलाज का बहाना बनाकर उसे लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया गया. लगभग चार घंटे बाद ग्रामीणों को घटना का पता चला. इसके बाद क्रशर मालिक और वहां काम करने वाले सभी कर्मी वाहन लेकर फरार हो गये. शव अस्पताल में पड़ा रहा. गांव के ही सुरेश सिंह ने बताया कि हादसे के बाद मुंशी ने चुप रहने की बात कहकर हमें घर भेज दिया. घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को एनएच-75 जाम कर दिया. ग्रामीण मुआवजा और दोषी क्रशर मालिक पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. जाम स्थल पर थाना प्रभारी शशि कुमार और सीओ अमन कुमार पहुंचे और समझाने-बुझाने के बाद सीओ ने सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा तथा क्रशर मालिक से भी उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. इसके बाद जाम समाप्त हुआ. मृतक की पत्नी का दर्द : रजंती देवी ने बताया कि शनिवार सुबह 11 बजे उनके पति खाना खाकर काम पर गये थे. शाम को गांव के लोगों से घटना की जानकारी मिली. परिजन का आरोप है कि क्रशर मालिक ने घटना छुपाकर शव अस्पताल में छोड़ दिया. मृतक के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं. जिसमें मनीषा कुमारी (11), अनिशा कुमारी (8), प्रिंस कुमार (4) और आनंद कुमार (1) शामिल है. इस घटना के बाद परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल है. नेताओं की प्रतिक्रिया : घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य रघुपाल सिंह, पूर्व मुखिया सुरेश सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार और दरोगी यादव परिजनों से मिले. पूर्व विधायक ने कहा कि क्रशर संचालक की गंभीर लापरवाही है. उन्होंने परिजन को 10 लाख रुपये मुआवजा और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था कराने की मांग की. साथ ही जिला प्रशासन से घटना की गहन जांच और कार्रवाई की अपील की.
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