प्लास्टिक के नीचे सिर छुपाने को विवश हैं विस्थापित

लातेहार :शहर के चंदनडीह, पहाड़पुरी व अमवाटीकर मुहल्ला में अतिक्रमण के नाम पर हटाये गये लोगों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. नतीजतन लोग खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक जगह उपलब्ध नहीं कराया गया है. ग्रामीण अतिक्रमण स्थल पर ही प्लास्टिक व तंबू लगा […]

लातेहार :शहर के चंदनडीह, पहाड़पुरी व अमवाटीकर मुहल्ला में अतिक्रमण के नाम पर हटाये गये लोगों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. नतीजतन लोग खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक जगह उपलब्ध नहीं कराया गया है. ग्रामीण अतिक्रमण स्थल पर ही प्लास्टिक व तंबू लगा कर किसी प्रकार जीवन यापन कर रहे हैं. अब बरसात के समय उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

विस्थापितों का कहना है कि तीन वर्ष हो गये, लेकिन अब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होने से उनका जीवन कष्टमय हो गया है. सांसद व विधायक ने हाल नहीं लिया अतिक्रमण से प्रभावित सुरेंद्र प्रसाद एवं दिलीप प्रसाद ने बताया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव के समय सभी प्रत्याशियों ने यहां का दौरा कर पुनर्वास की व्यवस्था करने का वायदा किया था. लेकिन चुनाव जीतने के बाद सांसद व विधायक ने यहां आना तक उचित नहीं समझा.

प्रशासन ने की थी बसाने की घोषणा जिला प्रशासन द्वारा ललमटिया गांव में विस्थापितों को जमीन देकर बसाने की घोषणा की गयी थी. प्रशासन द्वारा वहां सड़क, बिजली, पानी, स्कूल व आंगनबाड़ी बनाने की घोषणा की गयी थी. लेकिन आज तक इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है.

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