एक ही परिवार के चार को उम्रकैद

लातेहार : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) राजेश कुमार पांडेय की अदालत ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में एक ही परिवार के चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. बुधवार को अदालत ने मामले (सत्रवाद संख्या 38/11) की सुनवाई करते हुए मुनारिक सिंह, मोहन सिंह, गुड़ुवा उर्फ सुनेश्वर सिंह और […]

लातेहार : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) राजेश कुमार पांडेय की अदालत ने हत्या साक्ष्य मिटाने के मामले में एक ही परिवार के चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.

बुधवार को अदालत ने मामले (सत्रवाद संख्या 38/11) की सुनवाई करते हुए मुनारिक सिंह, मोहन सिंह, गुड़ुवा उर्फ सुनेश्वर सिंह और जय प्रकाश सिंह को सुभाष सिंह की हत्या का दोषी पाया. इन्हें भादवि की धारा 302/34 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी. साथ ही दोदो हजार रुपये जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी.

अदालत ने साक्ष्य मिटाने के लिए अलग से तीनतीन वर्ष की साधारण कारावास एकएक हजार जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी. सभी सजाएं साथसाथ चलेंगी. लोक अभियोजक सुदर्शन मांझी ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी. गवाही के दौरान अदालत ने मामले को सत्य पाया.

अक्तूबर 2010 में हुई थी हत्या : आठ अक्तूबर 2010 की रात 11 बजे कोठिला ग्राम निवासी गुणा सिंह के पुत्र सुभाष सिंह को घर से निकाल कर जंगल की ओर ले जाया गया था. आरोपियों ने हाथ बांध कर लाठीडंडे से उसकी पिटाई की थी. अधमरा कर उसे घर के दरवाजे पर छोड़ दिया था, जहां सुभाष ने दम तोड़ दिया था. उसके मरने की खबर सुन कर सभी आरोपी पुन: उसके घर आकर शव को गायब कर दिया था. इस सिलसिले में लातेहार थाना में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

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