लातेहार ़ सदर थाना क्षेत्र के टेमकी गांव में जितिया जतरा के दूसरे दिन बुधवार की देर शाम बासी जतरा मेले में चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे अचानक बीमार पड़ गये. बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. बीमार बच्चों की हालत गंभीर देख पंचायत के पूर्व मुखिया राजेश उरांव और जिप सदस्य विनोद उरांव ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को एंबुलेंस से लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया. गुरुवार सुबह चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ जय प्रकाश जायसवाल ने बच्चों का इलाज किया. उन्होंने बताया कि सभी बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए थे. हालांकि समय पर इलाज मिलने से अब सभी खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति सामान्य हो गयी है. बताया गया कि बीमार बच्चों की उम्र तीन वर्ष से 15 वर्ष के बीच है. कई बच्चों को कै और दस्त की शिकायत हुई थी. ग्रामीणों ने बताया कि अगर बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिलता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. जिप सदस्य विनोद उरांव ने कहा कि इतने बच्चों का जीवन खतरे में आ जाना गंभीर मामला है, इसकी जांच की जानी चाहिए. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों खासकर बासी सामान का सेवन न करें, क्योंकि इससे फूड प्वाइजनिंग जैसी घटनाएं हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि गांवों में कई बार बासी खाद्य पदार्थ भी बेचे जाते हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
