शौच व स्नान पर भी आफत

लातेहार मंडल कारा : क्षमता 166 की, रखे गये हैं 559 बंदीलातेहार : लातेहार जेल में 166 बंदियों की जगह 559 बंदियों को रखा गया है. जेल में बंदियों की स्थिति पशुवत हो गयी है. पुरुष वार्ड में बंदियों की संख्या 529 है, जबकि शौचालय मात्र पांच हैं. सुबह वार्ड खुलने के बाद शौच हेतु […]

लातेहार मंडल कारा : क्षमता 166 की, रखे गये हैं 559 बंदी
लातेहार : लातेहार जेल में 166 बंदियों की जगह 559 बंदियों को रखा गया है. जेल में बंदियों की स्थिति पशुवत हो गयी है. पुरुष वार्ड में बंदियों की संख्या 529 है, जबकि शौचालय मात्र पांच हैं. सुबह वार्ड खुलने के बाद शौच हेतु बंदियों को पंक्तिबंद्ध होना पड़ता है.

लगभग पांच घंटे तक बंदियों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. ऐसी ही स्थिति नहाने के समय होती है. कई-कई दिन बाद बंदियों को नहाने- धोने की बारी आती है. कई बंदी तो लाइन में खड़े-खड़े बेहाश भी हो जा रहे हैं. महिला बंदियों की स्थिति और खराब है. 22 महिला बंदियों में पांच महिला बंदियों की गोद में आठ बच्चे भी हैं.

उन्हें इस समस्याओं से प्रतिदिन दोचार होना पड़ता है. महिला वार्ड में एक बंदी डिप्टी कलक्टर तत्कालीन मनिका बीडीओ साधना जयपुरियार भी हैं, जो गबन के एक मामले में पिछले दो माह से बंद है.

कई बंदी चर्म रोग से ग्रसित

क्षमता से तीन गुणा से भी अधिक बंदियों के रहने से यहां रोगियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. बंदियों में त्वचा संबंधित रोगों का इजाफा हुआ है. बताया जाता है कि वार्ड में रोगियों को बारी- बारी से सोने की जगह मिलती है.

वर्ष 1924 में हुई थी स्थापना

कारा की स्थापना ब्रिटिश काल में वर्ष 1924 में हुई थी. प्रारंभ में सिर्फ 66 बंदियों का स्थान था. जिला बनने के उपरांत कारा को मंडल कारा के रूप में तब्दील कर दिया गया और 100 बंदियों के लिए अतिरिक्त भवन का निर्माण किया गया. वर्तमान में कारा की दो मंजिला इमारत है.
– सुनील कुमार –

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