– आशीष टैगोर –
लातेहार : जिले में कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टरों के इंजन का उपयोग व्यावसायिक कार्य में किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टरों को शुल्क में कई रियायत दी जाती है. कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन पर सालाना 100 रुपया ही टैक्स देना पड़ता है.
लोग इसी का फायदा उठाते हैं. कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर का निबंधन कराते हैं व ट्रॉली लगा कर उसका व्यावसायिक उपयोग करते हैं. जिससे सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है.
25 प्रतिशत ही निबंधित
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 25 प्रतिशत ट्रैक्टरों के ट्रॉली का निबंधन है. शेष ट्रैक्टरों में बिना लाइसेंस के ही ट्रॉली लगा कर कमाई की जा रही है.
