अनुज्ञप्ति समाप्त, फिर भी कर रहे उर्वरक की बिक्री

* जिले में 102 उर्वरक विक्रेताओं में से 49 की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त।। आशीष टैगोर ।।लातेहार : जिला कृषि विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं की संख्या 102 है. जिसमें से 49 की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त हो चुकी है. बावजूद इन विक्रेताओं द्वारा उर्वरक की बिक्री की जा […]

* जिले में 102 उर्वरक विक्रेताओं में से 49 की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त
।। आशीष टैगोर ।।
लातेहार : जिला कृषि विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं की संख्या 102 है. जिसमें से 49 की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त हो चुकी है. बावजूद इन विक्रेताओं द्वारा उर्वरक की बिक्री की जा रही है. सबसे अधिक उर्वरक दुकानदारों की संख्या लातेहार प्रखंड में है. यहां 40 में से 20 विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति की अवधि समाप्त हो चुकी है. मगर जिला प्रशासन या कृषि विभाग द्वारा ऐसे दुकानदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है

खेती के समय चोरी-छिपे की जाती है उर्वरक की बिक्री : उपरोक्त दुकानों के अलावे सभी प्रखंडों में बरसात के समय कई मौसमी दुकान भी खुल जाती है. जहां चोरी-छिपे उर्वरक की बिक्री की जाती है. इन दुकानदारों द्वारा नामी-गिरामी कंपनियों के धान के बिहन के नाम पर घटिया किस्म के बिहन की भी बिक्री की जाती है. इनके चक्कर में फंस कर भोले-भाले किसान अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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