बैठक में पाया गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर आयोजित शिविरों में हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन से प्रतिदिन मात्र 40-45 मरीजों की स्क्रीनिंग हो रही है, जो लक्ष्य से कम है. इस पर उन्होंने सीएचओ, बीपीएम, सहिया और बीटीटी के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों की जांच करने का निर्देश दिया. बलगम जांच केंद्रों पर यक्ष्मा लक्षण वाले मरीजों की बलगम जांच के साथ-साथ शुगर, एचआईवी और तंबाकू स्क्रीनिंग भी कराने को कहा गया.
24 मार्च को जागरूकता रैली निकालने व कार्यक्रम करने का निर्णयउन्होंने सहिया दीदी के सहयोग से प्रति माह संदिग्ध मरीजों की जांच सुनिश्चित करने और एसटीएस को एक सप्ताह के भीतर गृह भ्रमण, डीबीटी, जियो टैगिंग जैसे कार्य पूरे करने का निर्देश दिया. 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस पर जागरूकता रैली निकालने और विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में संजय वर्मा, अनु पांडेय, आदित्य कुमार, दीपेश कुमार, अरविंद कुमार राणा, प्रकाश कुमार रवि, सुनीता कुमारी, वंदना सिंह और सुजीत कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
