राज्य सरकार के बजट पर जिले के लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया —————————- प्रतिनिधि झुमरीतिलैया. हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य का बटज पेश किया. बजट में कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए किसानों की आमदनी बढ़ाने, सिंचाई सुविधा का विकास सहित महिला सशक्तिकरण की बात है. इसके अलावा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में फोकस करने की बात है. हालांकि, बजट को लेकर कोडरमा जिले के लोगों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है. कुछ ने बजट को जहां अच्छा बताया है, वहीं कुछ ने बजट में स्पष्ट विजन और बेहतर बदलाव के लिए ठोस कारगर उपाय की कमी को सामने रखा है. —————————– राज्य सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए आसान ऋण सुविधा और अन्य घोषणा सराहनीय है. सरकार ने खेती व मत्सय क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. ये क्षेत्र बढ़ेंगे तो हमारा व्यापार भी बढ़ेगा. सरकार को शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए भी बजटीय प्रावधान करना चाहिए था. ——–अक्षय वसंत, किराना व्यवसायी —————— अगर स्थानीय स्तर पर व्यापारिक प्रशिक्षण केंद्र खुलते तो झुमरीतिलैया के युवाओं को बड़ा लाभ मिलता बजट में ऐसा कुछ नहीं है. कृषि क्षेत्र पर खास फोकस है. हालांकि, महिला सशक्तिकरण के लिए भी सरकार अच्छा पहल कर रही है. ———–हिमांशु भदानी, इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार —————- सरकार जिला स्तर पर निःशुल्क कोचिंग सेंटर, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन स्टडी मटेरियल की सुविधा उपलब्ध कराती तो हम जैसे मध्यम वर्गीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को काफी राहत मिलती. बड़े शहरों में जाकर महंगी तैयारी करने की जरूरत कम होती. ————सौरभ सिन्हा, अभ्यर्थी ———————– सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग और डिजिटल लाइब्रेरी की बात कही है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा. सरकार ने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में फोकस किया है. ————-रोशन कुमार, अभ्यर्थी ———————— महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए अतिरिक्त अनुदान और बिना ब्याज ऋण की घोषणा से गांव और शहर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा. पहले से मंईयां सम्मान योजना चल रही है. यह नया कदम महिलाओं को और मजबूत बनाएगा. .—————सुनीला देवी, फल विक्रेता —————————– बजट में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और ग्रामीण विकास की बातें जरूर की गई हैं, पर जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का असर पहले भी सीमित रहा है. सिर्फ घोषणाओं से बदलाव नहीं आता, उसके लिए मजबूत क्रियान्वयन और पारदर्शिता जरूरी है. महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं पर और ठोस कदम उठाने की जरूरत है. ————-ज्योति झा, सामाजिक कार्यकर्ता ————————- हेमंत सरकार के बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रावधान है. अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करने के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि का प्रावधान किया गया है. कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान अच्छा है. ————संतोष कुमार, ग्रामीण डोमचांच —————— राज्य का बजट पूरी तरह निराशाजनक है, लोगों को कुछ विशेष नहीं मिलने वाला है. इस बजट में आदिवासी, युवाओं और गरीबों के हित में कोई ठोस विजन नहीं दिखता है. लोगों की आय बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है. कुछ मिलाकर कहा जाये तो बजट से कोई खास बदलाव नहीं आनेवाला है. ———-महेंद्र प्रसाद वर्मा, भाजपा नेता ——————————– बजट में जमीनी हकीकत का समावेश है. राज्य के विकास की योजना, आर्थिक स्रोत के मजबूती कारण का फार्मूला, गांव के विकास और किसान के घर खुशहाली की दीर्घकालिक योजना है. यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त, आधारभूत संरचना को मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, महिलाओं के स्वलंबन और पंचायतों को अधिक समर्थ बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है. ———सईद नसीम, कांग्रेस नेता
कृषि व सिंचाई सुविधा के विकास के साथ महिला सशक्तीकरण पर जोर
हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य का बटज पेश किया
