चंदवारा. डिग्री कॉलेज बरही, चंदवारा में इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन, बीएचयू वाराणसी एवं विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया. कार्यक्रम का विषय समानतामूलक उच्च शिक्षा : भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण था. समापन सत्र में प्रतिभागियों ने समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रशिक्षण के अनुभव एवं निष्कर्ष साझा किये. मुख्य वक्ता प्रो आशीष श्रीवास्तव ने सुशासन, नेतृत्व, संस्थागत विकास तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की सफलता दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और मजबूत संस्थागत ढांचे पर निर्भर करती है. साथ ही डिजिटल युग में सूचनाओं के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर देते हुए भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील की. कार्यक्रम संयोजक डॉ अरुण कुमार मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश आनंद ने किया.
राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का समापन
प्रो आशीष श्रीवास्तव ने सुशासन, नेतृत्व, संस्थागत विकास तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला
