13 को सरकार की उदासीनता के विरोध में पुतला दहन
झुमरीतिलैया. शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की मांग को लेकर बीएड अभ्यर्थियों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप लेने लगा है. वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं होने और नियुक्ति प्रक्रिया ठप रहने से हजारों प्रशिक्षित युवा असमंजस और बेरोजगारी की स्थिति में हैं. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए निर्णायक आंदोलन की राह पकड़ने का संकल्प लिया है. झंडा चौक के समीप आये बीएड अभ्यर्थियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 13 मार्च को संध्या चार बजे सरकार की उदासीनता के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. बैठक में उपस्थित अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ष 2016 के बाद से अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है, जिससे हर वर्ष लगभग पांच सौ से अधिक बीएड उत्तीर्ण छात्र बेरोजगार होकर भटक रहे हैं. अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्ष 2024 में सरकार ने 1300 रुपये लेकर आवेदन तो भरवाया, लेकिन आज तक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गयी. इससे भविष्य के शिक्षकों के मन में गहरा संशय और निराशा का माहौल बना हुआ है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में सभी प्रखंडों में बैठकों का आयोजन कर आंदोलन की और तेज किया जायेगा, ताकि सरकार को शिक्षकों की समस्या का समाधान करने के लिए बाध्य किया जा सके. बैठक में उपस्थित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा ग्रहण करना अमूल्य है, लेकिन जब योग्य युवाओं को अवसर ही नहीं मिलेगा तो शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती जायेगी. इसलिए सरकार को शीघ्र शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति करनी चाहिए. मौके पर स्मृति वर्मा, तबस्सुम प्रवीण, बसंत कुमार, विकास सिंह, प्रमोद मेहता, सुधीर यादव, अभिषेक सिंह, भारत कुमार, आर.सी. राणा, नितिश कुमार, रवि कुमार, पंकज कुमार, बिरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे.
