कोडरमा पथराव मामला : डीसी से मिले सांसद-विधायक, कार्रवाई पर सवाल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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- मुलाकात के दौरान डीसी के समक्ष ढिबरा व पत्थर व्यवसायियों की समस्या रखी

- 16 जनवरी को जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व व्यवसायियों के साथ होगी बैठक

प्रतिनिधि, कोडरमा बाजार

हाल के दिनों में खनन टास्क फोर्स के द्वारा अवैध क्रशर, खदान व बिना चालान के स्टोन चिप्स लदे वाहनों पर हो रही कार्रवाई तथा बीते सोमवार को डोमचांच के छाबड़ा पेट्रोल पंप के समीप खनिज लदे वाहनों के जांच के दौरान हुए पथराव मामले को लेकर सांसद अन्नपूर्णा देवी व विधायक डॉ नीरा यादव ने डीसी रमेश घोलप से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान पूरे मामले पर विचार विमर्श किया गया. बाद में पत्रकारों से बातचीत में सांसद अन्नपूर्णा ने प्रशासनिक कार्रवाई के तरीकों पर सवाल उठाया.

सांसद ने कहा कि डीसी से मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर बातचीत हुई है. डीसी ने हमारी मांगों को गंभीरता पूर्वक सुना है और 16 जनवरी को समाहरणालय में बैठक कर मामले को लेकर सभी पक्षों से सुझाव लेने की बात कही गयी. उक्त बैठक में सांसद, विधायक, डीसी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि, पत्थर उद्योग संघ, ट्रक एसोसिएशन आदि के पदाधिकारी शामिल होंगे.

सांसद ने कहा कि कोडरमा जिले में रोजी रोजगार का एकमात्र साधन पत्थर व ढिबरा है. इसके अलावा अन्य कोई संसाधन नहीं है. ऐसे में इस समस्या का समाधान निकालना जरूरी है. डीसी को सभी तरह की समस्याओं से अवगत कराया गया है और इसका निदान कैसे निकाला जाए इसके लिए 16 जनवरी को बैठक आहूत की गयी है. बैठक में जो सुझाव आयेगा उस पर विचार किया जायेगा और यदि राज्य सरकार स्तर से कोई समस्या होगी तो इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे.

सांसद ने कहा कि डीसी से पथराव मामले में भी सहानुभूति पूर्वक कार्रवाई करने को कहा गया है. उन्हें यह भी कहा गया है कि जबतक बैठक न हो जाए तब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो. साथ ही कोई निर्दोष इसमें फंसे नहीं. सांसद के अनुसार पथराव की घटना नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन जहां तक जानकारी मिली कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान बॉडी गैराज व पेट्रोल पंप में खड़े ट्रकों को भी पकड़ा जा रहा था वह भी गलत है.

सांसद ने ट्वीट कर कहा, निरंकुश हो गया है प्रशासन

इससे पहले सोमवार की रात सांसद अन्नपूर्णा देवी ने प्रशासनिक कार्रवाई व पथराव की घटना को लेकर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, कोडरमा जिला प्रशासन पूरी तरह से निरंकुश हो गयी है. ढिबरा व पत्थर व्यवसायियों को बेवजह प्रशासन परेशान कर रही है. कोडरमा क्षेत्र में लोगों के रोजगार का प्रमुख साधन यही उद्योग है, लेकिन जिस तरह से प्रशासन के द्वारा यहां के व्यवसायियों को आये दिन परेशान किया का रहा है, यह उचित नहीं है. लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है.

उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री से आग्रह है कि जिला प्रशासन के इस निरंकुश रवैये पर रोक लगाएं. कोडरमा के युवाओं के रोजगार को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री इस मामले पर खुद पहल करें और जिला प्रशासन को व्यवसायियों को बेवजह परेशान नहीं करने का निर्देश जारी करें. ऐसा नहीं होने पर मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

क्रशर बंद होने से हजारों लोग हो जायेंगे बेरोजगार : डॉ नीरा

इधर, विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि डीसी से मिलकर पूरी बातों को गंभीरता से रखा गया है. 16 जनवरी को बैठक में इसका निदान निकाला जायेगा और जरूरत पड़ी तो सीएम से भी बात की जायेगी. उन्होंने कहा कि कोडरमा में ढिबरा और क्रशर ही रोजगार के मुख्य साधन हैं. यदि इसे बंद किया गया तो हजारों लोग बेरोजगार हो जायेंगे. मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष कांति देवी, राजकुमार यादव आदि मौजूद थे.

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