बुंडू. झारखंड का सबसे प्रसिद्ध बुंडू प्रखंड के एदेलहातु गांव स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पेयजल सुलभ शौचालय और बिजली की समस्या से जूझ रहा है. झारखंड का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल में सूर्य मंदिर का भी नाम है. जहां पर वीआइपी के साथ सैलानियों की भीड़ दिन प्रतिदिन रहती है. सुलभ शौचालय के अलावा पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से सैलानियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वर्ष 2019-20 के सत्र में जिला परिषद रांची की ओर से जलमीनार बनायी गयी थी. जो खराब होकर बेकार पड़ी हुई है. पिछले तीन वर्षों से जलापूर्ति ठप है. रांची टाटा राष्ट्रीय मार्ग 33 के किनारे होने के कारण लगातार अति विशिष्ट लोगों का आगमन होता है. वीआइपी के लिए विश्राम घर नहीं है. इसके साथ ही सूर्य मंदिर के प्रवेश द्वार से मंदिर पहुंच तक और परिक्रमा स्थल में भी बिजली की सुविधा नहीं है. जिससे शाम ढलते ही सैलानियों को यहां से निकलना होता है. रात के अंधेरे में असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा हो जाता है. स्थानीय समाजसेवी और भूमि दाता के पुत्र राम दुर्लभ सिंह मुंडा का कहना है कि पेयजल और बिजली की समस्या को लेकर प्रशासन और सरकार गंभीर नहीं है. समस्या को लेकर वह सैलानियों का हाल-चाल लेते हैं. असुविधा होने पर मदद के लिए भी तैयार रहते हैं. इसके अलावा संस्कृति विहार के संयोजक प्रमोद कुमार, मंदिर के पुजारी गण सफाई कर्मी मौजूद रहते है, लेकिन मंदिर में सुलभ शौचालय, पेयजल , बिजली की समस्या पर कोई सुध नहीं ले रहा है, विभाग के अनदेखी के कारण दो वर्ष से पेयजल आपूर्ति बंद है.
बुंडू के सूर्य मंदिर परिसर में बुनियादी सुविधा भी नहीं
प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पेयजल सुलभ शौचालय और बिजली की समस्या से जूझ रहा है.
