पिपरवार : अशोक परियोजना खदान मेें सोमवार तड़के तीन बजेअज्ञात हाइवा डंपर की चपेट में आने से आरपीएल कंपनी के सुपरवाइजर वीरेंद्र सिंह (52) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.
आक्रोशित लोगों ने घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कोयला उत्खनन व ढुलाई ठप करा दी. घटना के 12 घंटे बाद दोपहर तीन बजे प्रबंधन द्वारा मृतक के परिजनों के लिखित रूप में नौकरी व मुआवजा देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद पिपरवार पुलिस को शव उठाने दिया गया. समझौता वार्ता के बाद अपराह्न तीन बजे कामकाज शुरू हुआ.
पुलिस ने शव को अंत्यपरीक्षण के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है. मृतक एसीसी कॉलोनी खलारी का निवासी था. घटना की जानकारी मिलते ही सुबह में पिपरवार जीएम एसएस अहमद, अशोक पीओ उमेश कुमार विद्यार्थी व पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. वहां उन्होंने खान प्रबंधक व आरपीएल साइट के इंचार्ज से घटना की जानकारी ली. इस बीच काफी संख्या में मृतक के परिजन खदान में पहुंच गये. वे मृतक के आश्रित परिवार को नौकरी व मुआवजा देने की मांग करने लगे.
खनन अधिनियम के उल्लंघन का आरोप : घटना के कारणों को जानने के लिए श्रमिक संगठनों के एसीसी सदस्यों का एक दल दोपहर में अशोक परियोजना खदान के आरपीएल साइट पहुंचा.
इस संबंध में यूसीडब्ल्यूयू के क्षेत्रीय अध्यक्ष मुंद्रिका प्रसाद ने बताया की खदान में डीजीएमएस के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. खदान का फेस बहुत ही छोटा है. यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं की गयी है. हॉल रोड एक ही डंपर के परिचालन के लिए बनाया गया है. फेस में पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा डंपरों के परिचालन के लिए कोई नियम तय नहीं है. काफी संख्या में डंपरों से कोयला ढुलाई करायी जा रही है.
