रांची. जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले की जांच में मुख्य आरोपी टीडीपीएल कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के आर्थिक साम्राज्य को लेकर नए खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक अभय तिवारी ने घोटाले से हुई अवैध कमाई को अलग-अलग साझेदारों के जरिये मार्ट, शराब दुकान, होटल, मैनपावर कंपनी और जमीन खरीद-बिक्री जैसे कारोबारों में निवेश किया है.
जमशेदपुर में दो मार्ट और लातेहार में दो शराब दुकान
जांच में सामने आया है कि जमशेदपुर में दो मार्ट और लातेहार में दो शराब दुकानों में उसका पैसा लगा है. बताया जा रहा है कि इन कारोबारों में आशीष नाम के एक कारोबारी की भागीदारी है, जिसका भाई पुलिस महकमे में एक आईपीएस अधिकारी का अंगरक्षक है. आरोप है कि इसी रसूख का इस्तेमाल कारोबार को बढ़ाने में किया गया.
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FRO-ACF भर्ती में वसूले साढ़े पांच करोड़
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभय तिवारी ने असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) भर्ती में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की वसूली की थी. यह बात उसने सीआईडी को दिए अपने बयान में स्वीकार की है. आरोप है कि पद के हिसाब से 20 से 35 लाख रुपये तक की डील तय की जाती थी.
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JSSC JE पेपर लीक मामले का तार
इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में अफसरों को किराये पर गाड़ियां मुहैया कराने और एक बड़े जमीन सौदे की जांच भी चल रही है. वहीं जेएसएससी जेई पेपर लीक मामले में मुंबई से गिरफ्तार आरोपी अरुण शर्मा का तार भी इसी नेटवर्क से जुड़ता दिख रहा है.
