JPSC-JSSC फर्जीवाड़ा में अंतरराज्यीय गिरोह के संकेत, उत्पाद सिपाही धांधली का मास्टरमाइंड भी शामिल

JPSC-JSSC नियुक्ति फर्जीवाड़े की जांच में सीआईडी को अहम सुराग मिले हैं. आरोपी मो. एबाद के बयान में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा धांधली के मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नाम सामने आया है, जो 16 लोगों के सिंडिकेट का हिस्सा था.

रांची. JPSC-JSSC नियुक्ति फर्जीवाड़े की जांच में सीआईडी को बड़ा सुराग मिला है. आरोपी मो. एबाद ने पूछताछ में जो बयान दिया है, उसमें उत्पाद सिपाही परीक्षा धांधली के मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नाम सामने आया है.

16 लोगों का सिंडिकेट

मो. एबाद के अनुसार अतुल वत्स और मिथिलेश सिंह ने जेपीएससी परीक्षा में ओएमआर शीट की सेटिंग कराने में मदद की थी. इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए 16 लोगों का सिंडिकेट काम कर रहा था.

उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार

सीआईडी अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या अतुल वत्स का कनेक्शन जेपीएससी की अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से भी है. अतुल वत्स को पुलिस ने 12 अप्रैल 2026 को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा धांधली मामले में 164 अन्य लोगों के साथ तमाड़ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसे इस गिरोह का सरगना बताया था.

सॉल्वर गिरोह की ठगी का मामला

आरोप है कि अतुल वत्स राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, नीट पेपर लीक 2024, बिहार सीएचओ भर्ती 2024, यूपी आरओ/एआरओ पीटी 2024 और यूपी सिपाही भर्ती गड़बड़ी 2024 जैसे कई मामलों में भी शामिल रहा है. हालांकि झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती केस में पुलिस ने अब तक सीधे तौर पर पेपर लीक का दावा नहीं किया है, बल्कि इसे सॉल्वर गिरोह की ठगी का मामला बताया है.

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CID के सामने आरोपी ने उगले राज

आरोपी मो. एबाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रोनाही का रहने वाला है. गिरफ्तारी से पहले वह टीडीपीएल कंपनी में कार्यरत था. पूछताछ में उसने जेपीएससी परीक्षा में ओएमआर और ओएसएम शीट में छेड़छाड़ की बात स्वीकार की है. एबाद के अनुसार इस गिरोह में रामबीर सिंह, अरविंद कुमार, राजेश सिंह, आदित्य पांडेय, सुनील कुमार, संतोष सिंह, ब्रजेश कुमार, अली, इमरान, अजय संग्राम सिंह, प्रमोद पाठक, कृष्णा यादव और मो. उस्मान भी शामिल हैं.

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अभय तिवारी के बयान में मिथिलेश सिंह का नाम

गौरतलब है कि मिथिलेश सिंह का नाम पहली बार जेपीएससी घोटाले के मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बयान में सामने आया था. जांच एजेंसी को शक है कि यह गिरोह झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों की नियुक्ति परीक्षाओं में भी घोटाले को अंजाम देता रहा है.

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By शेखर सुमन

शेखर सुमन एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वे झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को कवर करते हैं.

प्रभात खबर से पहले शेखर सुमन ने करीब डेढ़ वर्ष तक झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल ‘सार भारत’ में रिपोर्टर के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक विषयों के साथ-साथ अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों की रिपोर्टिंग की.

शैक्षणिक रूप से शेखर सुमन ने संत जेवियर्स कॉलेज, रांची से अकाउंट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की. इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से वर्ष कॉमर्स में मास्टर्स और रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की.

पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि राजनीति, सामाजिक मुद्दों और अपराध से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में है.

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