फतेहपुर. खामारबाद पंचायत अंतर्गत गुलुडुमरिया गांव में आयोजित चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन शनिवार को कुंजविलास और नर-नारायण सेवा के साथ संपन्न हुआ. पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा जिला से आई कीर्तनिया प्रिया मुखर्जी ने श्रीकृष्ण की लीला आधारित कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. कीर्तन में कृष्ण-सुदामा चरित्र, रास लीला और अन्य प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया गया. राधा-कृष्ण और महारास की झांकियां देख लोग मंत्रमुग्ध हो गये. कीर्तन के दौरान एक ओर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए, वहीं दूसरी ओर कुछ युवा मोबाइल से कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करते दिखे. यह दृश्य भक्ति और आधुनिक तकनीक के मेल को दर्शाता रहा. प्रिया मुखर्जी ने अपने प्रवचन में कहा कि रास लीला को केवल सांसारिक रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि भक्ति से मन शुद्ध होता है और सच्चे भाव से भगवान का स्मरण करने से जीवन में शांति मिलती है. कलियुग में हरिनाम संकीर्तन को सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग बताया. कार्यक्रम में गौरांग महाप्रभु के जीवन प्रसंग का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने समाज को एकता का संदेश दिया. समापन पर नर-नारायण सेवा के तहत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया.
गुलुडुमरिया में गूंजा हरिनाम संकीर्तन, कृष्ण लीला ने बांधा समा
फतेहपुर. खामारबाद पंचायत अंतर्गत गुलुडुमरिया गांव में आयोजित चार दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन संपन्न हो गया.
