jamshedpur news : आदिवासियों के सेंदरा शिकार पर्व को लेकर जहां समुदाय तैयारी में जुटा है, वहीं वन विभाग की ओर से दलमा के जंगल में शिकार रोकने के लिए जबरदस्त तैयारी की गयी है. गुरुवार को वनकर्मियों और अधिकारियों की आंतरिक बैठक में सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. हालांकि, शिकार पर्व 27 अप्रैल को है, लेकिन जंगल में 25 अप्रैल से ही करीब 1000 वन अधिकारी, कर्मी, जिला पुलिस के पदाधिकारी व प्रशासन के अधिकारियों के साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की जायेगी.
जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को आदिवासी समुदाय के लोग अपने पूजा स्थल की सफाई करने के लिए जायेंगे, जबकि 26 अप्रैल की शाम से ही सारे लोग दलमा पर चढ़ाई कर देंगे. इसके बाद वे लोग शिकार करेंगे. इस बार वन विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है, ताकि ऐसे शिकार को रोका जा सके और चोरी छिपे या अपने झोले में जंगल के बीच में शिकार को काटकर ले जाने की साजिश को भी नाकाम किया जा सके. इसके साथ शिकारियों पर सीधी कार्रवाई की जा सके. वन विभाग इस बार शिकार रोकने के लिए चेक नाका के माध्यम से व जंगल के बीचोबीच ड्रोन से निगरानी करेगा. कहीं भी शिकारी दिखेंगे, तो वन विभाग के कर्मी वहां जायेंगे और उन्हें जंगल से वापस भेजेंगे. वहीं, बहरागोड़ा से लेकर चांडिल तक कुल 11 चेक नाके बनाये जायेंगे. इन चेक नाकों व जंगल में करीब एक हजार वन अधिकारी, वनकर्मी, जिला पुलिस के पदाधिकारी व प्रशासन के अधिकारियों को तैनात किया जायेगा. मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की जायेगी. इसको लेकर सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिलों के उपायुक्त के साथ पत्राचार हो चुका है. शिकार पर्व के दौरान दलमा के जंगलों सघन जांच अभियान भी चलेगा. वनकर्मी पूरे जंगल में गश्त करेंगे. शिकारियों के पास से जाल और अवैध हथियार जब्त किये जायेंगे. कई आइएफएस ऑफिसर भी दलमा में डेरा डालेंगे.jamshedpur news : दलमा में शिकार रोकने के लिए कल से तैनात होंगे 1000 अधिकारी-कर्मचारी
सेंदरा शिकार पर्व को लेकर वन विभाग ने अपनी तैयारियों को दिया अंतिम रूप

जमशेदपुर (फाइल फोटो)