जमशेदपुर : गोलमुरी चौक पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने की मांग को लेकर चार दिनों से चल रहा युवाओं का आंदोलन आखिरकार रंग लाया. रक्षाबंधन के दिन सड़क सुरक्षा के लिए डिवाइडर बनवाने का संकल्प लेकर अनशन पर बैठे धर्मबीर कुशवाहा ने सोमवार शाम करीब 4 बजे अपना अनशन खत्म कर दिया. जैसे ही गोलमुरी चौक पर डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू हुआ, आंदोलन स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गयी. नारियल फोड़ा गया और इसके बाद बहनों ने धर्मबीर को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया.
चार दिन के संघर्ष के बाद जमीन पर दिखा काम
सोमवार सुबह टाटा स्टील के अधिकारियों और ट्रैफिक डीएसपी ने धरना स्थल पर पहुंचकर बजरंग सेवा संस्थान के सागर तिवारी से बातचीत की. युवाओं की ओर से उठाई गयी मांगों पर चर्चा के बाद प्रशासन की ओर से मांगों को मानने पर सहमति बनी. इसके तुरंत बाद जुस्को की टीम गोलमुरी चौक पहुंची. डिवाइडर व स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू कर दिया. अधिकारियों की ओर से जल्द गोलचक्कर बनाने का भरोसा भी दिया गया.लंबे समय से हादसों को लेकर चिंता जताने वाले युवाओं के लिए यह पल खास था. सड़क पर मशीनें उतरते और निर्माण कार्य शुरू होते ही आंदोलनकारियों ने नारियल फोड़कर अपनी खुशी जाहिर की.‘
सिर्फ मेरा नहीं, शहर के लोगों की जीत : धर्मबीर
अनशन खत्म करने के बाद धर्मबीर कुशवाहा ने कहा - यह किसी नेता की जीत नहीं, बल्कि शहर के आम लोगों की जीत है. उन्होंने कहा - रक्षाबंधन के दिन जो संकल्प लिया था, वह आज पूरा हो गया. धर्मबीर के अनशन खत्म करने के दौरान बहनों ने उन्हें जूस पिलाया. इस दौरान आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को बधाई दी.
हादसों पर लगेगा ब्रेक, अब गोलचक्कर का इंतजार
गोलमुरी चौक पर डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर बनने से सड़क हादसों पर अंकुश लगने की उम्मीद है. वहीं, जल्द गोलचक्कर बनाने के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों को भी राहत की उम्मीद जगी है. आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय निवासी से जुड़ा सवाल है. ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होना इस आंदोलन की बड़ी सफलता मानी जा रही है.
ये लोग रहे मौजूद
मौके पर सागर तिवारी, प्रदीप सिंह, ब्यूटी तिवारी, विभा यादव, बिरबल, विशाल, अन्नू चौबे, सुनीता, सुमित, विवेक, संजय सोनी, अनुज सिंह, नीतिश पांडेय और राकेश समेत बजरंग सेवा संस्थान के सदस्य और समर्थक मौजूद रहे.
