1964 के सर्वे की बाधा हटी, उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल से 45 परिवारों को राहत
jamshedpur news :
पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत फॉरेस्ट ब्लॉक ग्राम पंचायत के दलमाबेड़ा टोला में जिला प्रशासन की पहल से सबर और अन्य अनुसूचित जनजाति परिवारों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म हो गया. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर लगाये गये विशेष कैंप में जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की गयी और पात्र ग्रामीणों के बीच प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया. दरअसल, 1964 के हाल सर्वे में जमीन को ‘फॉरेस्ट लैंड’ दर्ज कर दिये जाने से 45 परिवारों के करीब 250 लोग जाति और आवासीय प्रमाण पत्र से वंचित थे, जबकि उनके पास 1932-37 के खतियान और 1975-80 तक की लगान रसीदें मौजूद थीं. प्रमाण पत्र के अभाव में बच्चों को छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था.उपायुक्त ने 1932 खतियान, वंशावली और ग्राम सभा की सहमति के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया. अब तक कई प्रमाण पत्र जारी किये जा चुके हैं और शेष प्रक्रिया पूरी की जा रही है. वर्षों बाद हाथ में जाति प्रमाण पत्र पाकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गयीं. पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा और ग्रामीणों ने उपायुक्त के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उनके बच्चों की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है.
