जमशेदपुर : लौहनगरी के चर्चित निखार सबलोक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. निखार हत्याकांड में गिरफ्तार किये गये सोनारी खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह उर्फ राघव ने हत्या की पूरी खूनी साजिश का खुलासा कर दिया है. राघव के बयान ने शहर के आपराधिक सिंडिकेट, रंगदारी, जमीन कब्जा और न्यूज पोर्टल के जरिये ब्लैकमेलिंग के काले कारोबार को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है.
विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने की थी साजिश
दर्ज बयान के मुताबिक, 13 फरवरी 2026 को देहरादून में मानगो निवासी अपराधी गणेश सिंह के गुर्गों ने कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या कर दी थी. विक्रम शर्मा की मौत के बाद दुमका जेल में बंद मुख्य सरगना अखिलेश सिंह के निर्देश पर पूरे आपराधिक व अवैध कारोबार का जिम्मा राघव को सौंपा गया. विक्रम की हत्या का बदला लेने के लिए अखिलेश गिरोह लगातार मौके की तलाश में था.
रंगदारी, जमीन विवाद और न्यूज पोर्टल का खेल
राघव ने खुलासा किया कि उसने वर्ष 2021 में जेल से छूटने के बाद विक्रम शर्मा के साथ मिलकर विवादित जमीनों का सेटलमेंट शुरू किया था. शहर के व्यवसायियों और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिये उसने न्यूज 26 नाम से डिजिटल मीडिया और एक अखबार नाम से प्रिंट मीडिया का निबंधन कराया था. इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कारोबारियों को धमकाने और ब्लैकमेल करने में किया जाता था.
निखार की रेकी के लिए दिए पांच लाख
इसी बीच गणेश सिंह का गुर्गा निखार सबलोक और मोनू सिंह सोनारी में अशोक सिंह के कब्जे वाली विवादित जमीन तथा सिदगोड़ा में टाटा लीज की जमीन पर अड़ंगा डालने लगे थे. जमीन विवाद और वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों में दुश्मनी चरम पर पहुंच गयी थी. दुमका जेल से फरमान और 20 लाख की सुपारी राघव के अनुसार, गणेश सिंह और उसके मुख्य सहयोगी निखार सबलोक को रास्ते से हटाने का निर्देश दुमका जेल में बंद बॉस अखिलेश सिंह ने दिया था. इसके बाद सिंटू सिंह, सुशील केराई, सुनील रजक, कलाम और रितेश सिंह के साथ मिलकर साजिश रची गयी. निखार की रेकी के लिये सुशील केराई को पांच लाख रुपये नगद दिये गये.
सागर सिंह को 20 लाख की रुपए की सुपारी बुलाया
स्थानीय शूटरों के नाकाम रहने पर सिंटू सिंह और सुनील रजक ने सुल्तानपुर (यूपी) के कुख्यात अपराधी सागर सिंह उर्फ शिबू (जिसने धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में एके-47 चलाई थी) से संपर्क किया. सागर सिंह को 20 लाख रुपये की सुपारी पर बुलाया गया. उसके साथ शूटर अंकित सिंह भी आया.
24 अगस्त को टेंथ माईल स्टोन पर वारदात को दिया अंजाम
24 अगस्त 2026 को निखार सबलोक की पहचान कराने के लिये उसके फेसबुक प्रोफाइल से फोटो का स्क्रीनशॉट लेकर शूटरों को भेजा गया. टेंथ माईल स्टोन होटल के पास जमीन के काम से आये निखार सबलोक पर शूटर सागर सिंह और अंकित सिंह ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. घटना के बाद राघव कोलकाता भाग गया ताकि पुलिस की लोकेशन ट्रेसिंग से बच सके.
फेसबुक पर दी थी खुली धमकी
हत्याकांड से पूर्व राघव ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा था."मेरा रिवेंज लेने का कोई शौक नहीं है, जितना तुम खुद को होशियार समझते हो, मुझे पूरा यकीन है तुम अपनी ऐसी की तैसी खुद कर लोगे. आग की लपट को छोटा दिखाने के लिए ज्वालामुखी को भड़कने की आवश्यकता नहीं... रगड़े वो भी जायेंगे, जिन्होंने साथ दिया.
निखार हत्याकांड में इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
कदमा विजया हेरिटेड फेज 6 निवासी व होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के मामले में पुलिस ने सोनारी खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव, उत्तर प्रदेश सुलतानपुर निवासी शूटर अंकित सिंह,सोनारी निवासी सुशील केराई,मानगो निवासी सुनील रजक, मानगो डिमना रोड निवासी रितेश सिंह और उत्तर प्रदेश सुलतानपुर निवासी राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस को जेल भेजा गया है.
मुख्य शूटर सागर की तलाश में छापा
इधर, सरायकेला पुलिस इस मामले में मुख्य शूटर उत्तर प्रदेश सुलतानपुर निवासी सागर सिंह उर्फ शिबू की तलाश में जुटी है. पुलिस की माने तो सागर को जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
अपराध का घटनाक्रम
13 फरवरी 2026 : देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या हुई.
04 अगस्त 2026 : निखार सबलोक की रेकी व हत्या की साजिश के लिये सुशील केराई को पांच लाख दिये गये.
18 अगस्त 2026 : यूपी से कुख्यात पेशेवर शूटरों को जमशेदपुर बुलाया गया. 21 अगस्त 2026: शूटरों को बिष्टुपुर व सीतारामडेरा में ठहराया गया.
24 अगस्त 2026 : टेंथ माईल स्टोन होटल के पास निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या.
