IRCTC/Indian railways : एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर से क्यों कतरा रहे आम यात्री ? पढ़िए ये रिपोर्ट

IRCTC/Indian railways : जमशेदपुर : कोरोना महामारी के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था. धीरे-धीरे कुछ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया, लेकिन सभी में जेनरल कोच नहीं होने से आम यात्रियों को ट्रेन से सफर करने में परेशानी हो रही है. जेनरल कोच में भी बढ़ा किराया से लोगों की परेशानी बढ़ी है.

IRCTC/Indian railways : जमशेदपुर : कोरोना महामारी के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था. धीरे-धीरे कुछ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया, लेकिन सभी में जेनरल कोच नहीं होने से आम यात्रियों को ट्रेन से सफर करने में परेशानी हो रही है. जेनरल कोच में भी बढ़ा किराया से लोगों की परेशानी बढ़ी है.

कोरोना महामारी के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम सी गयी थी. धीरे-धीरे ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाया गया. प्रवासियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाने लगा. इसके बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है, लेकिन सभी में जेनरल कोच नहीं है. इस कारण आम यात्रियों को सफर करने में परेशानी हो रही है. जिनमें जेनरल कोच हैं भी, उनमें किराया बढ़ा हुआ है. कंफर्म टिकट व रिजर्वेशन का झंझट अलग. इससे लोकल यात्री सफर करने से कतरा रहे हैं.

भुवनेश्वर नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में जेनरल कोच नहीं हैं. पुरी-नई दिल्ली पुरूषोत्तम एक्सप्रेस में जेनरल कोच है, लेकिन इससे यात्रा करनेवालों को टाटा-भुवनेश्वर के बीच 15 रुपये अधिक किराया देना पड़ रहा है. बिना रिजर्वेशन व कंफर्म टिकट के यात्री ट्रेन में सफर नहीं कर सकते. इस वजह से भी यात्री परेशान हैं.

Also Read: Durga Puja Guidelines 2020 : झारखंड में दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर हेमंत सोरेन सरकार की ये हैं गाइडलाइंस

आपको बता दें कि टाटानगर रेलवे स्टेशन से पैसेंजर ट्रेनों में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते थे. लंबी दूरी के एक जेनरल कोच में 72 से 110 सीटें होती हैं. कोरोना संकट से पहले जेनरल कोच में सीटों की क्षमता से तीन गुना अधिक यात्री ट्रेन में सफर करते थे.

Also Read: IRCTC/Indian Railways : धनबाद से दिल्ली का सफर होगा आसान, नंदन कानन एवं नीलांचल एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी

भुनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी कोविड-19 स्पेशल ट्रेन है. इस ट्रेन में पूर्व की तरह थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट क्लास एसी श्रेणी का कोच है. कोविड-19 स्पेशल ट्रेन के नियमों के मुताबिक किराया ट्रेन के ओरिजिन स्टेशन या डेस्टिनेशन में से एक को अनिवार्य किया गया है.

Also Read: IRCTC/Indian Railways : दक्षिण पूर्व रेलवे में एक ही जगह से 25 से अधिक रेलवे स्टेशनों का ट्रैफिक होगा कंट्रोल

टाटानगर स्टेशन से कानपुर जाने के लिए भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में यात्री को टाटानगर से दिल्ली तक का किराया लगेगा या फिर भुनेश्वर से कानपुर जाने तक का किराया लगेगा. वर्तमान में जो भी यात्री ट्रेन चल रही है. वह कोविड-19 विशेष ट्रेन है. इस कारण जिन्हें जरूरी है वही यात्रा करें. इस पर जोर है. इस कारण स्पेशल ट्रेन के किराये में नए नियम को लागू किया गया है.

Also Read: Driving Licence Updates : ड्राइविंग लाइसेंस बनवानेवालों के लिए खुशखबरी, कोरोना के साये में ऐसे होगा ड्राइविंग टेस्ट

Posted By : Guru Swarup Mishra

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >