अस्पतालों, बीमा कंपनियों एवं टीपीए के कुचक्र से मरीजों को राहत दिलाना आवश्यक : कैट
Jamshedpur News :
देशभर में मेडिकल इंश्योरेंस लेने वाले मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज के समय टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर), बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच समन्वय की कमी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस मुद्दे को लेकर कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.इस संबंध में दिल्ली चांदनी चौक के सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा कि इलाज पूरा होने और डॉक्टर द्वारा फिट घोषित किये जाने के बाद भी मरीजों को औपचारिक प्रक्रियाओं के नाम पर घंटों अस्पताल में रोके रखना अमानवीय है.इस संबंध में श्री खंडेलवाल ने इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आइआरडीएआइ) के चेयरमैन को भी अलग से पत्र भेजकर बीमा कंपनियों और टीपीए के लिए सख्त एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है.
