Jamshedpur News: बेंगलुरु से छुड़ायी गयीं बंधक बनी 6 युवतियां, कहा- नहीं जाएंगे बाहर काम करने अब

बेंगलुरु में बंधक बनी जमशेदपुर की 6 लड़कियों को छुड़ा लिया गया है. प्रभात खबर में समाचार प्रकाशित होने के बाद श्रम विभाग हरकत में आया था. विधायक संजीव सरदार ने इस मामले को सबसे पहले उठाते हुए मदद की गुहार लगायी थी.

पोटका : बेंगलुरु में बंधक बनायी गयी जिले की छह युवतियों को मुक्त करा लिया गया है. सभी को यशवंतपुर एक्सप्रेस में बैठा दिया गया है. प्रभात खबर में युवतियों को बंधक बनाये जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद श्रम विभाग हरकत में आयी और कार्रवाई करते हुए युवतियों को मुक्त कराया. बेंगलुरु से लौटने के दौरान युवतियों ने कहा कि वह भविष्य में राज्य में ही रोजगार करेंगी और काम करने के लिए बाहर कभी नहीं जायेंगी.

गौरतलब है कि कौशल विकास केंद्र मानगो में तीन माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पोटका प्रखंड की अनिता सरदार (खापरसाई), कमीला सिंह (तिरिलडीह), पटमदा प्रखंड की अलावती सिंह (बोंटा), रामनी हांसदा (बोंटा), मुसाबनी की अंजली पान एवं अनिता मनिका सिलाई-कढ़ाई का काम करने के लिए 17 दिसंबर को बेंगलुरु गयी थी.

बेंगलुरु पहुंचने पर उन्हें काम पर लगा दिया गया, लेकिन जिस तरह से उन्हें सुविधाएं देने की बात कही गयी थी, वैसा नहीं दिया जा रहा था. साथ ही उनके साथ व्यवहार भी अच्छा नहीं किया जा रहा था. वह जब मामले की शिकायत वार्डेन से की, तो वार्डेन द्वारा धमकी दिया गया. लड़कियां जब वहां से घर आना चाही, तो उन्हें आने तक नहीं दिया दिया और बंधक बना लिया गया. वहां से लौटने के बाद सभी लड़कियों का काउंसेलिंग कराया जायेगा.

विधायक से मदद के लिए लगायी थी गुहार :

युवतियों ने मामले की जानकारी पोटका विधायक संजीव सरदार को देते हुए घर वापसी में मदद करने की गुहार लगायी थी. इसके बाद विधायक ने मामले में पहल करते हुए मामले की जानकारी श्रम मंत्रालय में दी थी.

Posted by : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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