बच्चों को बांधकर रखा जाता था, मुख्यमंत्री के आदेश पर इलाज शुरू
जमशेदपुर/घाटशिला : धालभूमगढ़ प्रखंड की मौदाशोली पंचायत के भादुआ व तेतुलडांगा गांव में मानसिक रूप से बीमार दो बच्चों को उसके परिजन हाथ-पैर बांधकर रखते थे. दरअसल, आर्थिक परेशानी के कारण परिजन बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे. इसकी जानकारी किसी ने सीएम हेमंत सोरेन को ट्विटर पर दी. इसके बाद उन्होंने उपायुक्त […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
जमशेदपुर/घाटशिला : धालभूमगढ़ प्रखंड की मौदाशोली पंचायत के भादुआ व तेतुलडांगा गांव में मानसिक रूप से बीमार दो बच्चों को उसके परिजन हाथ-पैर बांधकर रखते थे. दरअसल, आर्थिक परेशानी के कारण परिजन बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे. इसकी जानकारी किसी ने सीएम हेमंत सोरेन को ट्विटर पर दी.
इसके बाद उन्होंने उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला को दोनों बच्चों का इलाज कराने और उसकी रिपोर्ट देने को कहा. उपायुक्त ने सिविल सर्जन को दोनों बच्चों का इलाज करानेका निर्देश दिया. इसके बाद दोनों बच्चों को मंगलवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.
उत्पात न मचाये, इसलिए बांधा जाता है : भादुआ के बबलू सोरेन ने बताया कि तीन साल के बच्चे भागमत सोरेन को दिनभर रस्सी से बांध कर रखा जाता है. बच्चे की दिमागी हालत ठीक नहीं है. उसकी मां दुलारी सोरेन ने बताया कि अगर रस्सी से नहीं बांधा जाये, तो वह उत्पात मचाता है. इधर-उधर भागने लगता है. एक बार भागते हुए गड्ढे में गिर गया था. उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह अपने बच्चे का इलाज करा सके.