मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

जमशेदपुर : मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है. इसका अंदाजा एमजीएम अस्पताल में प्रतिदिन बढ़ रहे मरीजों की संख्या से लगाया जा सकता है. अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन आठ से नौ सौ मरीजों का पर्चा बनाया जा रहा है. मेडिकल विभाग के डॉ बलराम झा […]

जमशेदपुर : मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है. इसका अंदाजा एमजीएम अस्पताल में प्रतिदिन बढ़ रहे मरीजों की संख्या से लगाया जा सकता है. अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन आठ से नौ सौ मरीजों का पर्चा बनाया जा रहा है. मेडिकल विभाग के डॉ बलराम झा ने बताया कि मौसम में तेजी से बदलाव व रात में ठंड बढ़ने से लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है.

सर्द हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिर रहा है, अस्पताल पहुंचने वाले अधिकतर मरीज सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण वायरल बुखार शुरुआती लक्षण हैं, सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े का उपयोग करें और बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है.

वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ केके चौधरी ने कहा कि सर्दी नवजात व तीन वर्ष के बच्चों के लिए खतरनाक है, ज्यादा सर्दी से बच्चों को सर्दी-खांसी के साथ ही निमोनिया हो जाता है. इसके लक्षणों में प्रमुख रूप से सर्दी लगना, नाक बहना, नाक बंद होना, छींक आना, सिरदर्द, गले में खराश, कम या तेज बुखार और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं. एमजीएम में तीन दिनों में सिर्फ मेडिकल विभाग में 579 मरीजों का इलाज किया गया. इसमें अधिकतर सर्दी व बुखार से पीड़ित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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