जमशेदपुर : मंत्री सरयू राय ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव काे पत्र लिखकर कहा कि उनके द्वारा जमशेदपुर की बस्तियाें काे मालिकाना हक देने के संबंध में अभी तक काेई कार्रवाई नहीं किया जाना चिंता की बात है.
उन्हाेंने कहा कि भारत सरकार ने दिल्ली की अनाधिकृत बस्तियों को पीएम उदय योजना के तहत अक्तूबर में मालिकाना हक देकर एक मिसाल कायम कर दी है. ऐसी स्थिति में काेई कारण नहीं है कि झारखंड सरकार जमशेदपुर एवं अन्य स्थानों पर वर्षों से बसी बस्तियों को मालिकाना हक नहीं दे सके. प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये मालिकाना हक की तर्ज पर ही जमशेदपुर एवं अन्य स्थानों पर बसी बस्तियों को भी मालिकाना हक देने की ठोस प्रक्रिया आरंभ की जानी चाहिए.
इस विषय में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गयी अधिसूचना तथा गजट अधिसूचना की प्रतियां अधिकारिक तौर पर सचिव मंगा लें और इसके आलोक में मालिकाना हक देने का विधि-सम्मत कार्रवाई करें. दिल्ली की अलग-अलग हिस्सों में बसी अवैध काॅलोनियों के मालिकाना हक देने के संबंध में केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद द्वारा पारित पीएम-उदय (अनाधिकृत कॉलाेनी आवास याेजना) के अंतर्गत दिल्ली की 1731 अनाधिकृत काॅलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल द्वारा मिशन मोड में कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. श्री राय ने कहा कि उन्हाेंने 19 जून 2019 को सचिव काे एक पीत पत्र भी भेजा था.
जिसमें कहा गया था कि सरकार अथवा टाटा लीज की भूमि पर अनाधिकृत रूप से रह रहे जमशेदपुर के निवासियों को उक्त सम्पत्ति पर मालिकाना हक देने के लिए विधि सम्मत प्रक्रिया आरंभ की जाये. तदुपरांत राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा इस बारे में जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को लिखकर इस दिशा में किये गये कार्य की जानकारी से उन्हें अवगत कराया था. इसके पूर्व भी उन्होंने सचिव काे पत्र लिखा था. इस विषय में भी राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने कृतकार्य से उन्हें जानकारी उपलब्ध करायी थी. परंतु इस विषय में कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई.
