जमशेदपुर : एमजीएम से रेफर होकर टीएमएच भेजी गयी महिला की इलाज के दौरान मौत हो गयी. घटना के चार दिन बाद बुधवार को महिला के परिजन व बस्तीवासियों ने एमजीएम अस्पताल में हंगामा किया. डॉक्टर द्वारा गलत ऑपरेशन करने के कारण अधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत होने का आरोप बस्ती के लोग लगा रहे थे.
डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लोगों ने पहले अस्पताल का मेन गेट जाम करने की कोशिश की. होमगार्ड जवानों के मना करने के बाद बस्ती के लोग व परिजन अस्पताल परिसर में पीपल पेड़ के नीचे धरना देकर बैठ गये.
इसकी सूचना साकची पुलिस को दी गयी. पुलिस ने आकर मामला शांत कराया और फिर परिजनों ने अधीक्षक से लिखित शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. अधीक्षक के आश्वासन पर बस्तीवासी व परिजन वापस लौट गये.
क्या है मामला. भुइयांडीह लकड़ीटाल के समीप रहने वाले तपन रजक ने बताया कि उनकी पत्नी चंपा रजक को प्रसव पीड़ा के बाद 25 जनवरी को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दोपहर करीब 12.35 बजे सर्जरी से एक बच्ची का जन्म हुआ. वार्ड में उन्होंने देखा कि सर्जरी के बाद टांके लगाये गये स्थल से खून रिस रहा है. यह पता चलने पर डॉक्टर चंपा को फिर ऑपरेशन कक्ष में ले गये.
हालांकि अधिक खून बहने के कारण स्थिति बिगड़ने पर उसे टीएमएच रेफर कर दिया गया. टीएमएच में इलाज के दौरान 26 जनवरी की सुबह साढ़े चार बजे चंपा की मौत हो गयी. परिजनों का आरोप था कि एमजीएम अस्पताल में सही इलाज नहीं होने से ही चंपा की मौत हो गयी. चंपा का इलाज मंजूला श्रीवास्तव की यूनिट में चल रहा था.
