फूड इंस्पेक्टर गयीं छुट्टी पर, शहर में मिठाइयों की जांच भगवान भरोसे
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जमशेदपुर : विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर शहर और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये की मिठाइयां बिकेंगी. इन मिठाइयों की कीमत क्या होगी और उसकी गुणवत्ता कैसी होगी? इसकी निगरानी करने को विभाग गंभीर नहीं है. दुकानदारों ने मिठाइयों का स्टॉक एक सप्ताह पहले से ही तैयार करना शुरू कर दिया है. लेकिन इनकी […]
जमशेदपुर : विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर शहर और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये की मिठाइयां बिकेंगी. इन मिठाइयों की कीमत क्या होगी और उसकी गुणवत्ता कैसी होगी? इसकी निगरानी करने को विभाग गंभीर नहीं है. दुकानदारों ने मिठाइयों का स्टॉक एक सप्ताह पहले से ही तैयार करना शुरू कर दिया है. लेकिन इनकी गुणवत्ता पर हमेशा सवाल उठता रहा है.
जब भी अधिक मात्रा में बिक्री की बात आती है, तो मिलावट या निम्न गुणवत्ता की शिकायत आने लगती है. लेकिन इसके लिए खाद्य विभाग के पास न तो कोई मानक है और न ही चेकिंग के लिए सक्रिय टीम. अगर विभाग की बात करें, तो जिले की फूड इंस्पेक्टर गुलाब लकड़ा छुट्टी पर गयी हैं. सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद की मानें, तो मिठाई की गुणवत्ता की जांच करने के लिए अलग-अलग टीमें बनायी गयी थीं, लेकिन छापेमारी नहीं की गयी.
मिलावटी मिठाई खाने से लिवर, किडनी पर असर
मिलावटी मिठाई खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. फिजिशियन डॉ अनुकरण पूर्ति के मुताबिक दुकानदार मुनाफा कमाने या ज्यादा ऑर्डर की पूर्ति के लिए अक्सर असली खोअा की जगह सिंथेटिक खोआ का उपयोग करते हैं. जिसमें यूरिया की मात्रा होती है , जो शरीर में जाकर अमोनिया का लेवल बढ़ाती है तथा इसका प्रभाव लिवर, किडनी व आंत पर पड़ता है.