जमशेदपुर: टाटा मोटर्स के स्क्रैप ऑक्शन में शामिल व्यापारियों से पुलिस की मौजूदगी में रंगदारी मांगने व नहीं देने पर बुरे परिणाम भुगतने की धमकी दी. व्यापारियों की ओर से हो हल्ला करने के बाद रंगदारी की मांग करने वाले को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने खदेड़ दिया.
इससे नाराज व्यापारियों ने ऑक्शन का बहिष्कार कर दिया, इसके बाद चोर करोड़ की बोली वाला ऑक्शन को रद्द कर दिया गया. इस मामले की लिखित शिकायत व्यापारियों ने टाटा ग्रुप के वरीय अधिकारियो से की है.
पुलिस की मौजूदगी में दी धमकी
बताया जाता है कि कोलकाता स्थित मिडिल्टन चैंबर में ऑक्शन के दौरान कई व्यापारियों को लॉट के ऑक्शन पर 10} रंगदारी देने की चेतावनी दी गयी. रंगदारी मांगने वाले के चार-पांच गुर्गे ऑक्शन हॉल परिसर में पहुंच गये. व्यापारियों के साथ-साथ गुर्गो ने टाटा मोटर्स के अधिकारियों से भी ऑक्शन के एवज में रंगदारी देने, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी दी. वहां पुलिस भी मौजूद थी.
ऑक्शन को लेकर हो चुकी हैं कई हत्याएं
1994 से पहले ऑक्शन शहर से बाहर ही हुआ करते थे, लेकिन जब डॉ अजय कुमार (तत्कालीन एसपी)ने सभी ऑक्शन जमशेदपुर में कराये. व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला पुलिस पर होती थी. इसके बाद ऑक्शन कोलकाता में होना शुरू हो गया.
प्रधान के नाम से मांगी जा रही रंगदारी
व्यापारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बाहर के लोगों को हमारे निजी नंबरों के बारे में कैसे जानकारी हो सकती है. फोन पर किसी प्रधान नामक व्यक्ति द्वारा रंगदारी मांगी जा रही है.
