जमशेदपुर : शहर में चेन, मोबाइल और पर्स छिनतई की बढ़ती घटनाओं ने महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है. आलम यह है कि सुबह दूध लेने जाने से लेकर बच्चों को स्कूल पहुंचाने, पूजा करने मंदिर जाने तक में महिलाएं खुद को असुरक्षइत महसूस कर रही हैं. हाल के दिनाें में पिस्टल व चाकू की नोक भी चेन छिनतई की घटनाएं हो चुकी है.
ऐसे मामले में कई महिलाएं तो शिकायत करने थाने तक जाती ही नहीं हैं. जो जाती भी हैं उन्हें कोई खास मदद नहीं मिलती. भुक्तभोगी महिलाओं का कहना है कि पुलिस ठीक से कार्रवाई नहीं करती. सीसीटीवी के बारे में पूछताछ करती है. घटना के लिए पीड़िता को ही दोषी ठहराने लगती है. छेड़खानी और छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में पिंक पेट्रोल मोबाइल वैन का उद्घाटन किया गया है जो शहर के महिला कॉलेजों के आस पास खड़ा रहता है, लेकिन उसके बाद भी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.
सिर्फ सीसीटीवी जांच तक सीमित पुलिस. पीड़ित कुछ महिलाओं ने बताया कि पुलिस की जांच केवल सीसीटीवी पर केंद्रित हो कर रह गयी है. घटना की शिकायत लेकर जाने के साथ ही सबसे पहले पूछा जाता है कि जहां घटना हुई, वहां सीसीटीवी है क्या? सीसीटीवी है तो पुलिस फुटेज देखती है. अगर सीसीटीवी नहीं है तो केस की छानबीन धीमी हो जाती है.
पुलिस के सूचना तंत्र पर उठ रहे सवाल. सूत्रों की माने तो तमाम तकनीकी सुविधायें उपलब्ध होने के बावजूद हाल के दिनों में पुलिस के सूचनातंत्र में किसी न किसी रूप में कमी आयी है. मुखबिर की कमी के कारण पुलिस को सही समय पर सूचना नहीं मिल पा रही है.
सीसीटीवी फुटेज हाथ लगने के बाद भी बदमाशों पर अंकुश नहीं
घटना से संबंधित अगर पुलिस को फुटेज मिलती भी है तो एक- दो दिन की छानबीन के बाद पुलिस उदासीन हो जाती है. हाल के दिनाें में महिलाओं से हुई छिनतई के मामले पुलिस को बदमाशों के फुटेज हाथ लगे हैं. लेकिन फुटेज मिलने के बाद भी अब तक बदमाशों को पुलिस पकड़ नहीं पायी है.
छिनतई गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग से एक टीम तैयार की है. जिन्हें शहर के अलग- अलग आठ जगहों पर तैनात किये जा हैं. पुलिस ने छिनतई और लूट वाले आठ स्पॉट चिह्नित किये हैं. मार्निंग वॉक के दौरान भी सादे लिबास में पुलिस की टीम काम कर रही है. गिरोह को जल्द पकड़ा जायेगा.
प्रभात कुमार, सिटी एसपी, जमशेदपुर
