सोशल चेंज के लिए आगे आयें युवा

जमशेदपुर : भाजपा सांसद वरुण गांधी शनिवार को जमशेदपुर में थे. उन्होंने यहां नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट अॉफ बिजनेस मैनेजमेंट में युवाओं को संबोधित किया. इस इंडक्शन मीट कार्यक्रम में उन्होंने कहा : देश में असमानता की खाई चौड़ी होती जा रही है. अंग्रेजी हुकूमत के वक्त एक फीसदी लोगों के पास देश की 22 फीसदी […]

जमशेदपुर : भाजपा सांसद वरुण गांधी शनिवार को जमशेदपुर में थे. उन्होंने यहां नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट अॉफ बिजनेस मैनेजमेंट में युवाओं को संबोधित किया. इस इंडक्शन मीट कार्यक्रम में उन्होंने कहा : देश में असमानता की खाई चौड़ी होती जा रही है. अंग्रेजी हुकूमत के वक्त एक फीसदी लोगों के पास देश की 22 फीसदी संपत्ति थी. लेकिन अब देश की 60 फीसदी संपत्ति पर एक प्रतिशत लोगों का कब्जा है. 10 फीसदी लोग ही देश की 90 प्रतिशत संपत्ति के मालिक हैं.

उन्होंने कहा : आर्थिक असमानता हो या सोशल चेंज, हर कुछ संभव है. इसके लिए युवा आगे आयें और मूवमेंट चलायें. मूवमेंट सिर्फ सड़कों पर उतरकर ही नहीं होते. सोशल मीडिया का जमाना है.

सैकड़ों ऐसे उदाहरण हैं, जो यह सीख देते हैं कि अगर एक इंसान चाह ले, तो बड़ा बदलाव ला सकता है.
देश की 73 फीसदी शिक्षा शहरों में केंद्रित
वरुण गांधी ने कहा : देश में कुल 18.5 लाख स्कूल हैं, जिनमें सिर्फ एक फीसदी ही सीबीएसइ व आइसीएसइ बोर्ड के हैं. बाकी सभी स्टेट बोर्ड के हैं. ताजा आंकड़े के अनुसार, आइआइटी व आइआइएम जैसी संस्थानों में जिन विद्यार्थियों का एडमिशन हुआ है, उनमें 72 फीसदी विद्यार्थी सीबीएसइ व आइसीएसइ बोर्ड के ही हैं.
देश की 73 फीसदी शिक्षा शहरों में केंद्रित है.
रोहित वेमुला और आर्य प्रकाश की मौत की वजह आर्थिक असमानता
उन्होंने कहा : देश में हर स्टूडेंट आइएएस बनना चाहता है. लेकिन एक सर्वे के अनुसार, देश के कुल 79 फीसदी आइएएस व आइपीएस अधिकारी टॉप 25 शहरों के हैं. इतना ही नहीं, कुल 66 फीसदी आइएएस-आइपीएस ने प्राइवेट स्कूल से, जबकि 21 फीसदी ने तो कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की. यह असमानता गंभीर चिंता का विषय है. रोहित वेमुला व आर्य प्रकाश की मौत इसी आर्थिक असमानता का प्रमुख कारण है.
देश की 60 % संपत्ति पर 01 % लोगों का कब्जा
10 फीसदी लोग ही देश की 90 % संपत्ति के मालिक
बदलाव लाने के लिए सोशल मीडिया पर मूवमेंट चलाएं
झकझोरने वाली है देश की तस्वीर
वरुण गांधी खुद को भारत का सांसद बताते हैं, कहते हैं : देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है, ये युवाअों के लिए गंभीर चुनौती है. आर्थिक असमानता अन्याय पैदा करती है. असमानता का आलम सह है कि जिस देश में सिर्फ दो साल में 22,000 किसानों ने आर्थिक तंगी व सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने की वजह से आत्महत्या कर ली. इसी देश में कई ऐसे अपार्टमेंट भी हैं, जहां 200 फ्लैट के लिए 200 स्वीमिंग पुल हैं. यह झकझोरने वाली तस्वीर है. इस तस्वीर को बदलने की आवश्यकता है.

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