इंप्लाइज फ्रेंडली शख्सियत थे जेआरडी

जमशेदपुर : टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और भारत रत्न जेआरडी टाटा ने इस समूह को एक अलग पहचान दी. वे एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी पहचान इंप्लाइज फ्रेंडली नेशनल बिल्डिंग काॅरपोरेट शख्सियत के तौर पर थी. उनके जन्मदिवस पर हमें उनके मजदूरों के हितों में लिये गये फैसले याद आते हैं. वे अपनी संस्था […]

जमशेदपुर : टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और भारत रत्न जेआरडी टाटा ने इस समूह को एक अलग पहचान दी. वे एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी पहचान इंप्लाइज फ्रेंडली नेशनल बिल्डिंग काॅरपोरेट शख्सियत के तौर पर थी. उनके जन्मदिवस पर हमें उनके मजदूरों के हितों में लिये गये फैसले याद आते हैं. वे अपनी संस्था के कर्मचारियों का पूरा खयाल रखते रहे. कर्मचारियों के लिए उन्होंने प्रोविडेंट फंड से लेकर मेडिकल तक की व्यवस्था करायी.
देश के पहले लाइसेंसी पायलट, फ्रांस के लिए युद्ध लड़े : जेआरडी के पिता रतनजी दादाभाई टाटा पारसी थे. जेआरडी का जन्म 1904 में पेरिस में हुआ था. उनकी परवरिश फ्रेंच मां और पारसी पिता के बीच हुई. उनका शुरुआती जीवन फ्रांस में बीता था. उन्होंने एक साल तक फ्रांस के सैनिक की ट्रेनिंग ली. जेआरडी देश के पहले लाइसेंसी पायलट थे. उन्हें 1929 में लाइसेंस मिला था. एयर इंडिया की शुरुआत जेआरडी ने ही की थी. जेआरडी फ्रांस में कुछ साल बिताने के बाद लंदन चले गये और वहां से फिर भारत आये और एक बिजनेस मैन के तौर पर टाटा का सफर शुरू हुआ.
62 करोड़ की कंपनी को 10 हजार करोड़ तक पहुंचाया : 1938 में 34 साल की उम्र में ही जेआरडी ने अपने पिता के कारोबार की कमान संभाल ली. टाटा समूह के चेयरमैन के तौर पर उनकी शानदार पारी रही. उन्होंने 14 उद्योगों के साथ समूह के नेतृत्व की शुरुआत की थी और जब 26 जुलाई 1988 को उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ा तब तक टाटा समूह 95 उद्यमों का एक विशाल समूह बन चुका था. 1939 में टाटा समूह की पूंजी 62 करोड़ रुपए की थी जो बढ़कर 1990 में 10,000 करोड़ रुपए हो गयी. आज टाटा की कुल संपत्ति 104 अरब डॉलर की है.
जेआरडी टाटा ने टाटा समूह में योगदान देने के बाद टाटा स्टील में बतौर जीटी काम करना शुरू किया.
जेआरडी के निधन पर स्थगित कर दी गयी थी भारतीय संसद की कार्रवाई
गुर्दे में संक्रमण के कारण 29 नवंबर 1993 को जेआरडी का जिनेवा में निधन हुआ. उनके निधन पर भारतीय संसद की कार्रवाई स्थगित कर दी गयी थी. उनको पेरिस में पेरे लेचसे नामक कब्रिस्तान में दफनाया गया है. कंपनियों में एचआर की शुरुआत जेआरडी ने ही की थी. जेआरडी चाहते थे कि भारत सबसे खुशहाल देश बने.
जेआरडी के जन्म दिवस पर अमिताभ बच्चन का संदेश
फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी जेआरडी टाटा के जन्मदिवस पर टाटा समूह को अपना संदेश भेजा है. जिसमें उन्होंने कहा कि जेआरडी टाटा खुद एक स्तंभ थे. उनके दिल में भारत बसता था. वे एक ऐसे उद्योगपति व व्यवसायी थे, जो समाज को भी मुनाफा का हक देते रहे थे और वे चाहते थे कि मजदूरों को भी इसका बेहतर लाभ मिल सके. उन्होंने टाटा समूह को एक नयी ऊंचाई तक पहुंचाया तथा देश को भी एक नयी पहचान दी.

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