जमशेदपुर : शैलेंद्र सिंह को हराने के लिए पटना गुरुद्वारा कमेटी के बोर्ड मेंबर के चुनाव में संविधान को दरकिनार कर इंद्रजीत सिंह के पक्ष में वोटिंग करायी गयी. बाललीला गुरुद्वारा में वोटरों को खरीदने का काम किया गया. इस दौरान संगत और सरकारी फंड दोनों का दुरुपयोग हुआ, जिसका हिसाब संगत लेगी. उन्होंने कहा कि न्याय के लिए संविधान के उल्लंघन व गलत वोटिंग के दस्तावेज समेत शैलेंद्र सिंह ने पटना जिला जज में रीट दाखिल की है. बहुत जल्द उसका रिजल्ट सभी के बीच होगा.
यह बातें सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को कही. उन्होंने कहा कि वे सीजीपीसी के मौजूदा प्रधान हैं, लेकिन इंद्रजीत सिंह ने अपने को प्रधान बताते हुए वोट डाला. इसके अलावा गम्हरिया गुरुद्वारा के वर्तमान प्रधान डॉ अमरजीत सिंह है, लेकिन पूर्व प्रधान पाल सिंह वोट किया. बर्मामाइंस गुरुद्वारा की तरफ से अवैध तरीके से हरभजन सिंह ने वोट डाला. इसके अलावा वोटर लिस्ट में आरा भोजपुर के हरवंश सिंह/इकबाल सिंह को दक्षिण बिहार के वोटर लिस्ट में शामिल कर वोटिंग करायी गयी, जो गलत है.
आरा भोजपुर दक्षिण बिहार में आता ही नहीं है. पटना गुरुद्वारा कमेटी का संविधान कहता है कि तो वर्तमान में जो प्रधान हैं, उसे वोटिंग का अधिकार है. पटना गुरुद्वारा कमेटी के कार्यकारी प्रधान शैलेंद्र सिंह ने चुनाव से एक महीने पूर्व बिहार सरकार के निर्वाचन पदाधिकारी तथा एसडीओ को वोटर लिस्ट में सुधार संबंधी आवेदन पत्र दिया था, लेकिन साजिश के तहत वोटर लिस्ट में सुधार नहीं हुआ. पटना गुरुद्वारा के महासचिव सरजिंदर सिंह ने साजिश के तहत बीर खालसा दल, फेडरेशन और हरहरगुट्टू गुरुद्वारा के नाम वोटर लिस्ट से काटा और भोजपुर आरा का नाम जोड़ा.
इस मौके पर सीजीपीसी के कन्वेनर दलजीत सिंह दल्ली, साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू, नामदा बस्ती के महेंदर सिंह, टिनप्लेट के तरसेम सिंह, कदमा से सुखविंदर सिंह, अजीत सिंह गंभीर, जेम्को आजादबस्ती के जागीर सिंह, गम्हरिया के जस्सा सिंह, चंचल सिंह, जुगसलाई के नरेदरपाल सिंह भाटिया समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे.
